किसानों की आमदनी और पैदावार बढ़ने के लिए जारी की गयी फल और सब्जियों की 6 किस्में

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देश को समर्पित 6 उन्नत किस्में
चित्र : प्रतीकात्मक

देश को फलों के साथ-साथ सब्जियों की 6 नई किस्में समर्पित

किसान की उपज और आय को बढ़ने के लिए उन्नत किस्म और उच्च गुणवत्ता वाले फसलों के बीज विकसित किये जा रहे हैं। चूंकि बीज उत्कृष्ट कृषि के साथ-साथ किसानों की सफलता का आधार है। एक अच्छा पौधा निश्चित रूप से खेतों में बढ़िया उपज देगा यदि बीज अच्छा हो। और अगर बीज खराब है तो सारी मेहनत नष्ट हो जाएगी। इसी कड़ी में सरकार ने फलों के साथ-साथ सब्जियों की 6 नई किस्में देश को समर्पित की हैं।

इन किस्मों को किया गया जारी 

किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने नई दिल्ली में भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान-आईसीएआर के 60वें दीक्षांत समारोह में देश को 6 सब्जियां और फलों का चयन समर्पित किया। जिनमे आम की 2 किस्में, पूसा ललिता के साथ-साथ पूसा श्रेष्ठ, बैगन का पूसा वैभव चयन, पालक की पूसा विलायती पालक, ककड़ी की पूसा जीनोशियस ककड़ी हाइब्रिड -18 और पूसा गुलाब (पूसा अल्पना) की अल्पना शामिल हैं।

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शीर्ष 5 देशों में शामिल होने का लक्ष्य

कृषि मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने देश को 10 प्रमुख कृषि उत्पाद निर्यातक देशों में शामिल किया है। अब हमारा लक्ष्य भारत को अग्रणी 5 देशों में शामिल करना है। साथ ही इस लक्ष्य को भी जल्द ही हासिल कर लिया जाएगा।

कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार ड्रोन की खरीद के लिए कृषि संस्थाओं को शत-प्रतिशत अनुदान दे रही है ताकि संस्थानों में इस तकनीक को पढ़ाया जा सके। ड्रोन खरीद के लिए कृषि स्नातक भी अनुदान सहायता प्राप्त करने के लिए पात्र हैं।

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पूसा द्वारा विकसित की किस्मों से बढ़ा अनाज उत्पादन

भाकृअनुप के निदेशक डॉ. ए.के. सिंह ने सूचित किया कि इस संस्थान द्वारा स्थापित गेहूं के चयन से हर साल देश के अन्न भंडार में लगभग 60 मिलियन टन गेहूं जुड़ता है, जिसकी राशि 80,000 करोड़ रुपये है। इसी तरह, संस्थान द्वारा स्थापित बासमती चयन भारत में बासमती की खेती में प्रमुख योगदान देता है, जो कि 32,804 करोड़ रुपये के बासमती चावल के निर्यात से प्राप्त कुल विदेशी मुद्रा का 90 प्रतिशत (29524 करोड़ रुपये) है। देश के लगभग 48 प्रतिशत क्षेत्र में सरसों की खेती IARI पर्वतमाला से की जाती है।

उन्नत किस्में और अच्छी उच्च गुणवत्ता वाले बीज भी खेती की उपज बढ़ाने में बहुत बड़ी भूमिका निभाते हैं। इस तथ्य के कारण कि बीज उत्कृष्ट कृषि का आधार है और किसानों की समृद्धि भी। बीज अच्छा होगा तो खेतों में बड़ा पौधा अवश्य ही बढ़ेगा।

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