Mashroom ki kheti kaise kare : 20 गुना तक फायदा है मशरूम की खेती की इस आसान विधि से , आइए जाने कैसे ?

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Mashroom ki kheti kaise kare
मशरूम की खेती करने की आसान विधि

Mashroom ki kheti kaise kare | मशरूम की खेती करने की आसान विधि

देश के ज्यादातर किसान एवं युवा मशरूम की खेती करना काफी पसंद करते है। क्योंकि यह कम समय मे अधिक मुनाफा देने वाली खेती है। अधिक तर किसान भाई इसकी खेती अपने घर के कमरे से कर के, लाखों रुपये कमाते है। लेकिन यह जानकार आपकों आश्चर्य होता होगा, कि यह किसान आखिर एक कमरे मे मशरूम की खेती के कैसे लाखों रुपये कमा लेते है।

वही बिहार राज्य के नवादा जिले के कई गांवों के किसानों द्वारा मशरूम की खेती कर लागत का 20 गुना तक मुनाफा कमाया जा रहा है। इसके लिए वह एक कमरे मे सिर्फ बांस की झोपड़ी बनाते है। वही पर वह मशरूम की खेती से लाखों रुपये कमा रहे है।

मशरूम की खेती की तैयारी मे लगता है एक महीना

किसानों द्वारा मिली जानकारी के अनुसार उन्हे मशरूम की खेती की तैयारी मे एक महीने का समय लग जाता है। क्योंकि इसकी खेती मे लगने वाला खाद गेहूं या चावल के भूसे और कुछ केमिकल्स को मिलकर तैयार किया जाता है। वही इसकी खाद तैयार होने के बाद बंद कमरे मे उसकी फर्श पर 6 से 8 इंच मोती परत बिछाकर मशुरूम के बीज लगाए जाते है। और इसके उपरांत तैयार की गई कंपोस्ट खाद से उसको ढक देते है।

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मशरूम की खेती के लिए बंद जगह की जरूरत

इसकी खेती के लिए सबसे जरूरी बात यह होती है कि इसकी खेती खुले जगह मे नहीं की जा सकती है। इसके लिए बंद जगह की जरूरत होती है। आज जिले के ढेर सारे किसानों द्वारा मशरूम की खेती की जा रही है। जिससे उनके परिवार का जीवनयापन भी अच्छी प्रकार हो पा रहा है।

एक जिला एक उत्पाद के तहत बढ़ावा

नवादा जिले के किसानों के अनुसार उनके द्वारा उगाए गए मशरूम बाजार मे 250 से 350 प्रति किलों तक बिक जाते है। वही अब सरकार द्वारा एक जिला एक उत्पाद कार्यक्रम के तहत इसे बढ़ावा दिया जा रहा है।

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50 लाख रुपये तक के ऋण का प्राविधान

सरकार द्वारा चलाए जा रहे एक जिला एक उत्पाद कार्यक्रम से रोजगार की संभावनाएं भी बढ़ेगी। जिससे जिसे को औद्योगिक पहचान भी मिल सकेगी। इससे जुड़े हुए संबंधित क्षेत्रों मे आधारभूत संरचना को देखते हुए एरियो को विकसित किया जाएगा।

वही जिले मे संबंधित उत्पादों सेवा एवं उत्पादन यूनिट स्थापित करने के लिए ओडीओपी योजना से 50 लाख रुपये तक ऋण मिलगा। इसलिए किसान एवं युवाओ का रुझान धीरे-धीरे अब मशरूम की खेती तरफ हो रहा है।

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