रबी फसलों की अच्छी पैदावार के लिए, कृषि वैज्ञानिकों ने जारी की कृषि एडवाइजरी, इससे किसानों को मिलेगी अच्छी उपज

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rabi crop in india
वैज्ञानिको की कृषि सलाह

रबी फसलों की अच्छी उपज के लिए वैज्ञानिको की कृषि सलाह 

देश के किसान अपनी फसलों से अच्छी उपज प्राप्त कर सके.इसके लिए देश की सरकारों के साथ-साथ कृषि वैगेनिक भी लागतार प्रयास करते रहते है, और समय-समय कृषि फसलों के लिए नई-नई खोजो के साथ-साथ फसलों में किये जाने वाले कार्यों की जानकारी भी किसानों को देते रहते है. जिससे किसान भाई अपनी फसलों से अच्छा उत्पादन प्राप्त कर बढ़िया मुनाफा कमा सके. इसी कड़ी में पूसा के कृषि वैज्ञानिकों ने मौसम की स्थिति को ध्यान रखते हुए किसानों के लिए कृषि एडवाइजरी जारी की है.

कृषि वैज्ञानिकों की यह कृषि एडवाइजरी रबी फसलों (Rabi crop in india) के लिए जारी की गयी है. किसान भाई वैज्ञनिको के द्वारा बताई गयी सभी सलाहों के हिसाब से अपनी फसलों में कृषि कार्य करे. इससे उन्हें अच्छे उत्पादन के साथ-साथ फसलों में लागत भी कम आएगी. तो आइये जानते है कृषि वैज्ञानिकों द्वारा किसानों को रबी फसलों (Rabi crop) के लिए क्या सलाह दी गयी है –

गेहूं के फसलों के लिए उचित कृषि कार्य

जो भी किसान भाई गेहूं की बुवाई कर चुके और 21 से 25 दिन (सीआरआई चरण) हो गए है उन्हें सिचाई कर लेना चाहिए. वही सिंचाई के 3 से 4 दिन बाद नाइट्रोजन की दूसरी खुराक फसलों की देनी चाहिए.

इसके अलावा जो किसान भाई गेहूं की पछेती किस्मों को बोना चाहते है. उन्हे इसकी बुवाई शीघ्र कर लेनी चाहिए. इसके लिए वह 125 किलोग्राम गेहूं के बीजों को प्रति हेक्टेयर के हिसाब से बो सकते है.

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किसान भी गेहूं की पछेती किस्मों में एच.डी.-3059, एच.डी.-3237, एच.डी.-3271, एच.डी.-3369, एच.डी.-3117 डब्ल्यूआर-544, पी.बी.डब्ल्यू.373 आदि किस्मों की बुवाई कर सकते है.

किसान भाई गेहूं की बुवाई से पहले बीजों को बाविस्टिन 1 ग्राम या थीरम 2.0 ग्राम प्रति किलोग्राम बीज की दर से उपचारित करना न भूले.

इसके अलावा पूसा के कृषि वैज्ञानिकों द्वारा अपनी एडवाइजरी में यह बताया कि जिन खेतों में दीमक संक्रमण की बारहमासी समस्या रहती है उन खेतों में बुआई से पहले क्लोरपायरीफॉस (20EC) 5 लीटर प्रति हेक्टेयर की दर से सिंचाई पूर्व पानी के साथ या छिड़काव करना चाहिए.

किसान भाई अपने खेतों में नाइट्रोजन, फास्फोरस तथा पोटाश उर्वरकों की मात्रा 80, 40 व 40 कि.ग्रा. प्रति हैक्टर की दर से रखना चाहिए.

इस समय सरसों की खेती में यह करे किसान 

कृषि वैज्ञानिकों के द्वारा सरसों की खेती के लिए फसल की निराई-गुड़ाई की सलाह दी गयी है. यदि मौसम में कम तापमान रहता है. यह दो सप्ताह तक ऐसा रहता है. तो फसल में सफ़ेद तरुआ रोग लगने की संभावना बढ़ जाएगी. ऐसे में किसानों को फसल के पौधों की पत्तियों पर सफेद रतुआ की उपस्थिति का निरीक्षण करने की सलाह दी जाती है.

प्याज की खेती में रोपाई की सलाह 

जो भी किसान भाई प्याज की खेती करना चाहते है. वह किसान इसी सप्ताह इसकी रोपाई कर ले. इसके आलावा किसान भाईयों को रोपाई से पहले खेतों में पूरी तरह से विघटित FYM और पोटाश उर्वरक का उपयोग करने की सलाह दी जाती है.

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सब्जियों की खेती करने वाले किसानों के लिए सलाह 

सब्जियों की खेती करने वाले किसानों के लिए कृषि वैज्ञानिको ने जो एडवाइजरी जारी की वह इस प्रकार है.-

  • आलू की खेती करने वाले किसान मौसम को ध्यान में रखते हुए आलू की फसल में उर्वरक डाले,और कूड़ों की मिट्टी चढाने का कार्य करे.
  • सापेक्षित आर्द्रता अधिक होने कारण किसान भाई अपनी आलू और टमाटर में झुलसा रोग होने के से बचने के लिए अपनी फसल की निगरानी करे. यदि फसल में किसी प्रकार का लक्षण तो किसान भाई डाइथेन-एम-45 @ 2.0 ग्राम/लीटर पानी का छिड़काव करना चाहिए.
  • वही किसान भाई टमाटर, फूलगोभी, पत्तागोभी, नोलखोल और ब्रोकोली फसल की परिपक्व पौध की रोपाई ऊँची क्यारियों में करनी चाहिए.
  • इसके अलावा किसान भाई गोभीवर्गीय सब्जियों में पत्ती खाने वाले कीटों की निरंतर निगरानी करे. यदि कीटों का अधिक प्रकोप हो तो किसान भाई बी. टी.@ 1.0 ग्राम प्रति लीटर पानी या स्पेनोसेड दवा @ 1.0 एम.एल./3 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करना चाहिए.
  • किसान भाई को सब्जियों से खरपतवार नियंत्रण के लिए इंटरकल्चरल ऑपरेशन की सलाह दी गयी है. वही समय पर बोई गई सब्जी फसलों में सिंचाई की सलाह दी गयी है. उसके उपरान्त उर्वरकों का प्रयोग करे.
  • बागवानी करने वाले किसान भाई आम के पौधों में युवा मीली बग को चढ़ने से रोकने के लिए आम के तने के चारों ओर प्लास्टिक की चादरें लपेटनी चाहिए। पॉलिथीन शीट में किसी भी दरार को सील करने के लिए ग्रीस लगाएं.
  • वही फूलों की खेती करने वाले किसान भाइयों को उच्च सापेक्ष आर्द्रता के कारण किसानों को गेंदे की फसल में पुष्पक्रम सड़न रोग की निरंतर निगरानी करने की सलाह दी जाती है.
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