इस समय आम के बागों में रखे इन बातों का ध्यान रखे बागवान, होगी बम्पर उपज

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farvari me aamon ki dekhbhal
बागों में ये कार्य करे किसान

फरवरी के इस महीने में बागों में ये कार्य करे किसान

इस समय देश में मौसम ने धीरे-धीरे करवट लेनी शुरू कर दी है. ठंडक जहाँ अपनी समाप्ति की ओर रुक कर है तो गर्मी ने धीरे-धीरे दस्तक देनी शुरू कर दी है. मौसम के बदलाव के बीच आम की बागवानी करने वाले किसानों को भी सजग रहने की जरुरत है. क्योकि देश के बहुत से किसानों ने आम के बाग़ को लगा रखा है. जिससे वह हर साल अच्छा मुनाफा भी कमाते है.

आम की बागवानी के यह समय भी काफी महत्वपूर्ण भी है. क्योकि इस बदलते मौसम में आम के पेड़ों पर कीटों एवं रोगों का अधिक प्रकोप होता है. ऐसे में यह फसल को काफी नुकसान पहुचाते है. जिसका असर फसल के उत्पादन पर पड़ता है. साथ ही इस समय आम के बागों में कुछ महत्वपूर्ण कार्य भी किसानों को करने जरुरी होते है. जो भी उपज पर काफी असर करते है. तो आइये इस लेख के जरिये यह जानने की कोशिश करते है किसान भाई समय अपने खेतो में कौन से कौन से कार्य करे. जिससे उनकी उपज बढ़िया हो और वह अधिक मुनाफा कमा सके.

आम की गुड़ाई एवं सफाई

इस समय आम के पेड़ों के नीचे की जमीन की सफाई जरुर करनी चाहिए. इसके साथ ही पेड़ के थाले बनाकर उनकी गुड़ाई कर दे. इसके अलावा जिन किसान ने बरसात के मौसम में आम के नए पौधे लगाए थे, और उन्हें पाले से बचाने के लिए उनके ऊपर छप्पर बनाए थे. वह उन छप्परो को ऊपर से हटा दे. जिससे उनको पर्याप्त मात्रा में धूप मिल सके.

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मिली बग से करे सुरक्षा

इस बदलते मौसम में आम में मिली बग का खतरा अधिक रहता है. यह आम की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचता है. ऐसे में किसान भाई इसके किसान भाई पेड़ों के तने पर पॉलीथिन की 3 फुट चौड़ी पट्टी बाँध देनी चाहिए.

इसके अलावा 250 ग्राम प्रति पेड़ की दर से क्लोरपायरीफ़ॉस धूल की 1.5 प्रतिशत मात्रा को पेड़ के चारों ओर की मिट्टी में मिला लेना चाहिए.

प्रौढ़ कीड़ों को माँरने के उपाय

वही प्रौढ़ की कीड़ों को मारने के लिए किसान भाई पेड़ों के नीचे की मिट्टी की सतह पर परजीवी ब्यूवेरिया बेसियाना या 5 प्रतिशत नीम बीज की गिरी सैट का प्रयोग करना चाहिए.

आम के भुनगा कीट से बचाव

बागों में लगाने वाला यह कीट पेड़ के कोमल प्ररोहों, पत्तियों और पुष्पक्रमों से रस चूस लेते है. जिससे छोटी अवस्था में ह फल गिरने लगते है. जिससे कारन आम की फसल से उत्पादन कम मिलाता है और बागवान किसान को नुकसान उठाना पड़ता है.

ऐसे में किसान भाई इसकी रोकथाम के लिए कार्बोरिल 2 मिलीलीटर प्रति लीटर पानी या क्लोरोपायरीफ़ॉस की 5 मिली लीटर मात्रा को एक लीटर पानी में घोल का छिड़काव करे.

आम के चूर्णिल असिता रोग से करे बचाव

किसान भाई आम की फसल को चूर्णिल असिता के प्रकोप से बचाने के लिए 250 ग्राम कैराथेन का 500 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव कर सकते है. या फिर ट्राइडेमेकान 0.1 प्रतिशत को 1 मिलीलीटर मात्रा को एक लीटर पानी में मिलाकर इस्तेमाल करना चाहिए.

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इसके अलावा किसान भाई गंधक चूर्ण की 500 ग्राम मात्रा को प्रति पौधे की दर से इस्तेमाल करना लाभदायक होता है.

किसान भाई इस बात का भी ध्यान रखे कि इन्ही दिनों पौधों पर फूल आते है. और किसी भी कीटनाशी का उपयोग यदि फूलों पर किया जाय तो उसमें सम्पूर्ण परगन नही हो पाता है. इसलिए भी फल आते है.

इसलिए किसान भाई आम की फसल पर किसी भी कीटनाशक का छिड़काव करे तो उससे पहले अपने नजदीकी कृषि विभाग या उद्यान विभाग से विशेषज्ञों की राय जरुर ले ले. इससे आपकी फसल की सुरक्षा बेहतर हो सकेगी.

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