मूंग एवं मूंगफली की उपज को बेचने का किसानों के पास एक और मौका, न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी के लिए सरकार ने बढ़ाई रजिस्ट्रेशन की समय सीमा

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Minimum Support Price
मूंग और मूंगफली की फसल को बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन 

न्यूनतम समर्थन मूल्य पर मूंग और मूंगफली की फसल को बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन

हर वर्ष किसानों की फसलों की उपज सरकार द्वारा न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) खरीदी जाती है. इसके तहत रबी की 6 और खरीफ की 14 फसलों की खरीदी सरकार द्वारा किसानों की जाती है. वही अलग-अलग राज्य सरकारों द्वारा हर साल किसानों से पंजीयन कराया जाता है. इसीलिए इस साल भी किसानों से पंजीयन कराया जा चुका है. लेकिन इस योजना का किसानों अधिक लाभ मिल सके इसके लिए राजस्थान राज्य सरकार द्वारा मूंग एवं मूंगफली की पंजीकरण क्षमता को 90 प्रतिशत से बढ़ाकर 100 प्रतिशत कर दिया है.

इसके बारे में जानकारी देते हुए राजफेड के प्रबंध निदेशक संदेश नायक ने बताया जिन केन्द्रों पर पंजीयन क्षमता पूर्ण हो चुकी है वहां 20 प्रतिशत अतिरिक्त पंजीयन सीमा को बढ़ाया गया है.ऐसे में जो किसान अभी तक अपना पंजीयन नहीं करा पाए हैं वे किसान पंजीयन कराकर इसका लाभ ले पाए. और अपनी उपज को सरकारी खरीदी केंद्र पर बेच पाए.

इससे लगभग 29 हजार किसानो को फायदा 

राज्य सरकार के इस कदम से राज्य के लगभग 29000 से अधिक किसानों को लाभ मिल पायेगा. मूंग एवं मूंगफली की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर पंजीयन सीमा बढ़ाने से मूंग के लिए 12,731 एवं मूंगफली के लिए 17,025 किसानों को लाभ होगा. इस तरह कुल 29,756 अतिरिक्त किसान अपनी मूंग व मूंगफली की फसल बेचने के लिए पंजीयन करवा सकेंगे.

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मूंग और मूंगफली के बचने के लिए इतने किसानों ने करवाया रजिस्ट्रेशन 

मूंग, उड़द, मूंगफली एवं सोयाबीन की न्यूनतम समर्थन मूल्य (Minimum Support Price) पर बेचने के लिए अब तक मूंग के लिए 32,945 किसानों ने पंजीयन कराया एवं मूंगफली के लिए 9,443 किसानों द्वारा रजिस्ट्रेशन करवाया गया है. वही राज्य सरकार की ओर से किसानों का रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है. इस तरह राज्य के किसान निर्धारित लक्ष्य सीमा तक पंजीयन करवाकर अपनी फसल को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेचकर लाभ ले सकते है.

अभी तक इतने किसानों से की जा चुकी है खरीदी 

राज्य के प्रबंध निदेशक के मुताबिक अब तक 5584 किसानों से 11,487 मीट्रिक टन मूंग एवं मूंगफली की खरीद की जा चुकी है, जिसकी राशि लगभग 98 करोड़ रुपये है.उड़द एवं सोयाबीन के बाजार भाव समर्थन मूल्य दर से अधिक होने के कारण किसानों द्वारा समर्थन मूल्य पर यह फसलें समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए रुचि नहीं ले रहे हैं.

किसान भाई मूंग व मूंगफली बेचने के लिए यहाँ कराये पंजीयन 

किसान भाई अपनी मूंग और मूगफली की फसल को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए ई-मित्र के माध्यम से पंजीयन करवा सकते है. वही इसके पंजीयन के बाद उनकी उपज की खरीदी की तारीख का आवन्टन कर दिया जायेगा.इसके उपरांत किसान भाई अपनी दलहन व तिलहन की फसल को सुखाकर व साफ-सुथरा करके निर्धारित नमी की मात्रा के अनुरूप तुलाई केंद्र पर निर्धारित तारीख पर लेकर जाए.

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किसान भाई को पंजीयन के लिए आवश्यक दस्तावेज 

किसान भाइयों को अपनी मूंग और मूंगफली की फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए सबसे पहले पंजीयन करना होगा. जिसके लिए उन्हें कुछ दस्तावेजों की जरुरत पड़ेगी. यह निम्नवत है-

  • किसान का आधार कार्ड
  • किसान की बैंक का खाता की पासबुक
  • फसल गिरदावरी की रिपोर्ट

किसी भी समस्या के लिए इस नंबर पर करे सम्पर्क 

न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किसानों को अपनी फसलों को बेचने से सम्बन्धी किसी भी प्रकार की समस्या आये. तो राज्य सरकार द्वारा किसानों के लिए जारी हेल्पलाइन नम्बर  1800-180-6001 पर फोन कर अपनी समस्या को बताकर समाधान पा सकते है.

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