Improved Capsicum Varieties in India : शिमला मिर्च की इन उन्नत किस्मों की बुवाई कर देश के किसान ले सकते हैं, दोगुनी पैदावार

0
35
Improved Capsicum Varieties in India
शिमला मिर्च की किस्में

देश में उगाई जाने वाली उन्नत शिमला मिर्च की किस्में (Improved Capsicum Varieties)

देश के कई राज्यों के किसान शिमला मिर्च की खेती करने के लिए रुख कर रहे हैं. क्योंकि आजकल बाजार में कई कई रंगों की शिमला मिर्च की काफी ज्यादा मांग रहती है. सबसे बड़ी बात है कि यह अच्छे मूल्य पर बिकती हैं.

इसीलिए आजकल किसान शिमला मिर्च की खेती से अच्छी आए कमा रहे हैं. लेकिन शिमला मिर्च की अच्छे उत्पादन के लिए सबसे जरूरी होता है. कि किसान भाई अच्छी किस्म की शिमला मिर्च (Improved Capsicum Varieties in India) की बुवाई करें. तो चलिए, आज के इस लेख में हम आपको उन्नत शिमला मिर्च की उन्नत किस्म (Capsicum Varieties) के बारे में जानकारी दे रहे हैं, जिन की बुवाई कर किसान भाई शिमला मिर्च की दोगुनी पैदावार ले सकेंगे. तो आइए जानें पूरी जानकारी क्या है-

यह भी पढ़े : Chane ki nai variety : चने की नई किस्म से कम पानी में भी मिलेगा जबरदस्त उत्पादन, आइए इस किस्म की पूरी जानकारी

शिमला मिर्च की अधिक पैदावार वाली उन्नत किस्में

ओरोबेल किस्म

शिमला मिर्च की किस्म (Shimla Mirch ki Kismen) खेती के लिए ग्रीनहाउस या खुले खेत दोनों के लिए उपयोगी होती है. इसकी खेती ठंडे मौसम में अच्छी उपज देती है. इसके अलावा यह कई रोगों में प्रतिरोधी किस्म होती है. शिमला मिर्च की यह किस्म पीले रंग की होती है. इस किस्म की मिर्च का वजन लगभग 130 से 150 ग्राम तक पाया जाता है.

सोलन हाइब्रिड 2 

शिमला मिर्च की खेती सबसे अधिक उपज देने वाली किस्मों में से एक पाई गई है. इसके अलावा यह किस्म में सडन रोग व जीवाणु जनित रोग के प्रतिरोधी भी पाई गई है. इस किस्म की शिमला मिर्च की रोपाई के बाद फसल लगभग 60 से 65 दिनों में तैयार हो जाती है. अगर इसकी पैदावार की बात करें तो 130 से 150 कुंटल प्रति एकड़ तक इसकी पैदावार बहुत आसानी से ही ली जा सकती है.

शिमला मिर्च की इंद्रा किस्म 

इस किस्म के शिमला मिर्च की उपज काफी अच्छी होती है. इससे लगभग प्रति एकड़ 110 कुंटल तक शिमला मिर्च की पैदावार ली जा सकती है. इसके पौधे मध्यम ऊंचाई वाले होते हैं. इसके अलावा इसकी मिर्च का वजन लगभग 100 से डेढ़ सौ ग्राम तक पाया जाता है. साथ में इसकी मिर्च काफी मोटी एवं गूदे वाली होती है.

उन्नत किस्म बॉम्बे 

शिमला मिर्च की इस किस्म (Shimla mirch variety) का रंग लाल होता है. इस मिर्च का वजन प्रति मिर्च 125 से डेढ़ सौ ग्राम के लगभग पाया जाता है. यह शिमला मिर्च कच्ची होती है तो हरे रंग की होती है. और पकने के उपरांत या लाल रंग की हो जाती है. इस किस्म की मिर्च की खेती छांव वाले स्थान पर उपयुक्त होती है. पॉलीहाउस इस किस्म की खेती के लिए सर्वोत्तम होता है.

यह भी पढ़े : Hare Pyaz ki Kheti : हरे प्याज की खेती से किसानों को मिलता है अधिक लाभ, आइए जानते हैं इसके व्यापारिक महत्व के बारे में

शिमला मिर्च की पूसा दीप्ति किस्म

इस किस्म के पौधे मध्यम आकार के होते हैं. इनका रंग भी हल्का हरा होता है. जो बाद में आगे चलकर लाल बन जाता है. यह एक हाइब्रिड किस्म है. इस किस्म की फसल 70 से 75 दिन में पकने लगती है. जिसकी तुड़ाई कर किसान भाई बाजार भेज सकते हैं.

उन्नत किस्म कैलिफोर्निया वंडर

शिमला मिर्च की एक किस्म एक विदेशी किस्में है. लेकिन इसकी बुवाई भारत में अधिक पैदावार के लिए की जाती है. इस किस्म से प्रति हेक्टेयर लगभग 125 से 150 कुंटल तक मिल जाती है. इस किस्म की रोपाई के बाद 75 दिन में उपज तैयार हो जाती है. इस किस्म के मिर्च चमकीले हरे रंग के होते हैं.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here