Bamboo Farming in india : किसानों की अच्छी आमदनी और ग्रामीण रोजागर के लिए बांस की खेती का अच्छा विकल्प, आइये जाने इसकी खेती सम्बन्धी पूरी जानकारी 

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Bamboo Farming in india
बांस की खेती

Bamboo Farming business | किसानों की अच्छी आमदनी और ग्रामीण रोजागर के लिए बांस की खेती का अच्छा विकल्प

देश के किसानों के लिए खेती अब सिर्फ पेट पालने का जरिया ही नहीं है, बल्कि यह एक बिजनेस मे तब्दील होती जा रही है. किसान भाई अब अच्छी आय के लिए धान ,गेहूं, गन्ना, सब्जी, फल की खेती के बजाए औषधि खेती, पेड़ों की खेती, प्रसंस्करण एवं एग्रो फोरेस्ट्री की तरफ रुख कर रहे हैं. इसी कड़ी में आज हम आपको एक ऐसी ही मुनाफे दार खेती के बारे में बताने वाले हैं. जिसकी खेती (Bans Ki Kheti In Hindi) कर किसान भाई अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं.

बांस की खेती (Bamboo cultivation) किसानों के लिए एक फायदेमंद खेती साबित हो सकती है. क्योंकि आज बाजार में बांस के सामान की बहुत ज्यादा मांग है. क्योंकि अब प्लास्टिक की जगह बांस के इको फ्रेंडली (echo freindly) उत्पाद बनाए जा रहे हैं. इनमें रसोई के बर्तन से लेकर सजावटी सामान एवं घर बनाने के लिए इनका इस्तेमाल किया जा रहा है. विश्व के तमाम देश तब बांस के उत्पादों को प्राथमिकता देते हैं. इसी कारण भारतीय बाजार से लेकर अंतर्राष्ट्रीय बाजार तक बांस के उत्पादों की मांग रहती है. इसीलिए इसकी अच्छी कीमत भी मिलती है. तो आइए जानते हैं बांस की खेती (Bamboo farming in india) से संबंधित मुख्य जानकारियां-

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बांस की खेती के लिए भूमि एवं जलवायु 

इसकी खेती के लिए किसी विशेष प्रकार की मिट्टी की जरूरत नहीं होती है. इसे लगभग हर मिट्टी में उगा सकते हैं. लेकिन रेतीली दोमट मिट्टी इसके पौधे के लिए सबसे उपयुक्त पाई जाती है. इसकी खेती के लिए भूमि का पीएच मान 4.5 से 6.0 सबसे उचित माना जाता है.

बांस की खेती (bans ki kheti) के लिए उष्ण एवं उष्णकटिबंधीय जलवायु सबसे अच्छी मानी जाती है. कृषि विशेषज्ञों के अनुसारअलवर में बात प्रतिदिन लगभग 3 इंच तक बढ़ जाता है. सबसे खास बात यह है कि इसके पौधे पर जलवायु परिवर्तन का कोई विशेष असर नहीं पड़ता है. इसके पौधे अधिक ठंड होने पर तथा दलदली भूमि भी ठीक प्रकार से वृद्धि कर लेते हैं.

बांस की प्रमुख उन्नत किस्में

देश में वर्तमान समय में लगभग 136 किस्मों के बांस (Bamboo) को उगाया जाता है. इन किस्मों में से 125 देसी किस्में हैं और 11 विदेशी किस्में है. लेकिन इसमें से कुछ ऐसी प्रजातियां हैं जिन्हें व्यापारिक तौर पर उगाया जाता है जो इस प्रकार है- 

  • बंबूसा बालकोआ
  • बम्बूसा तुलदा
  • डेंड्रोकलामस सख्त
  • मेलोकन्ना बम्बूसोइड्स
  • थ्रोस्टैचिस ओलिवेरि
  • डेंड्रोकलामस हैमिल्टन
  • बंबूसा वल्गरिस
  • बम्बूसा नूतन
  • बंबूसा बम्बोस
  • बंबूसा पॉलीमोरफा
  • बंबूसा पलिडा
  • ऑक्सीटेनेंथेरा स्टॉक्सि
  • डेंड्रोकालमुस गिगेंटस
  • स्चिज़ोस्ताच्यम डुलोआ
  • डेंड्रोकलामस ब्रांडिसि
  • ओचलैंड्रा ट्रावनकोरिका

इन राज्यों में कर सकते हैं बांस की सफल खेती

बांस की खेती  (bans ki kheti kaise karen) करने से पहले किसान भाई इस बात को जान ले बांस लगाए जाने वाले खेत में कोई दूसरी फसल नहीं ली जा सकती है. यानी कि बांस उगाए जाने वाले खेत में अगले 40 साल तक केवल बांस का ही उत्पादन लिया जाएगा. इसके लिए किसान भाइयों को पहले ही यह निर्धारित कर लेना चाहिए.

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार एक हेक्टेयर बांस की खेती करने के लिए लगभग 1500 के पौधों की आवश्यकता पड़ती है. जो लगभग आने वाले 3 सालों में तैयार हो जाते हैं. लेकिन बांस की अच्छी पैदावार किसान भाइयों के मेहनत के ऊपर निर्भर करती है.

किसान भाइयों के लिए सबसे फायदे की बात यह है कि बांस की फसल खराब नहीं होती है. और समय के साथी या काफी मजबूत हो जाता है. और उसकी क्वालिटी काफी अच्छी हो जाती है. इसीलिए जब भी इसको बेचना हो बाजार भाव जानने के बाद ही अच्छे मूल्य पर भेज सकते हैं. देश में बात की खेती मध्यप्रदेश, असम, कर्नाटक, नागालैंड, त्रिपुरा, उड़ीसा, गुजरात, उत्तराखंड व महाराष्ट्र आदि राज्यों में अच्छी प्रकार से की जा सकती है.

बांस की खेती में आने वाली लागत और आमदनी (Bamboo farming profit)

कुछ विशेषज्ञों की माने तो बांस (Bamboo Farming Tips) की अलग-अलग किस्मों के आधार पर 1 एकड़ खेत में लगभग 1500 से 2500 बांस के पौधों की रोपाई की जा सकती है वही एक बांस का पौधा लगभग ढाई ₹240 का मिलता है. इस हिसाब से 1 एकड़ में 3,60,000 से ₹5,00,000 तक का खर्च आ जाता है. वही उत्पादन की बात की जाए, तो एक एकड़ बांस की खेती से 25 से 30 टन बांस निकलता है. वहीं अगर बाजार में बांस की कीमत की बात करें तो लगभग 2500 से ₹3000 प्रति टन का भाव बांस का रहता है इस हिसाब से किसान भाई बांस रोपाई के 3 सालों के बाद हर वर्ष एक एकड़ बांस की खेती से 7 से ₹800000 कमा सकते हैं.

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सरकार देगी  बांस की खेती पर अनुदान

देश की सरकार द्वारा बांस  की खेती को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय बांस मिशन योजना (National Bamboo Mission) को चलाया जा रहा है. इस योजना के तहत सरकार द्वारा बांस की खेती करने वाले किसान को 50% तक का अनुदान दिया जाता है. इसके लिए किसान भाई राष्ट्रीय बांस मिशन की ऑफिशल वेबसाइट https://nbm.nic.in/ पर जाकर पूरी जानकारी ले सकते हैं. इसके अलावा अधिक जानकारी के लिए अपने नजदीकी कृषि विभाग के कार्यालय पर भी जानकारी मिल जाएगी.

एक अनुमान के मुताबिक बांस की खेती के लिए एक पौधा लगभग ₹240 का मिलता है जिस पर सरकार ₹120 प्रति पौधा अनुदान देगी.

एक एकड़ में लगभग 1500 के पौधों की रोपाई की जा सकती है. जिसमें कुल लागत लगभग ₹360000 आती है. इसमें से किसान को 180000 स्वयं से लगाने होंगी और वही ₹180000 का अनुदान सरकार द्वारा दिया जाएगा.

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