गन्ने की फसल में पेड़ी से लेना है अच्छा उत्पादन, तो किसान भाईयों को अपने खेत में करना होगा यह कार्य

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ganne ki pedi fasal
गन्ने की पेड़ी फसल से अच्छा उत्पादन कैसे ले किसान ?

गन्ने की पेड़ी फसल से अच्छा उत्पादन कैसे ले किसान ?

गन्ना एक नगदी फसल के रूप रूप में विख्यात है. जिसकी खेती किसान भाईयों द्वारा बड़े स्तर पर अच्छी आय कमाने के लिए की जाती है. गन्ने की फसल की एक बार बुवाई करके किसान भाई अगले पेड़ी की फसल लेना पसंद करते है. क्योकि किसानों के बीच यह धारणा बन चुकी है. कि गन्ने की पेड़ी की फसल बिना लागत की फसल है.वही पेड़ी फसल का हर जगह लगभग 50 प्रतिशत क्षेत्रफल होता है.

ऐसे में किसान भाई गन्ने की पेड़ी फसल में ज्यादा देखभाल नही करते है. इसी कारण गन्ने की पेड़ी फसल का उत्पादन भी कम हो जाता है. लेकिन अगर देखा जाय तो गन्ने की पेड़ी फसल में अधिक पैदावार एवं चीनी की मात्रा देने की क्षमता अधिक होती है. इस तरह किसान भाई अगर पेड़ी फसल से उपज लेनी है तो उन्हें पहली फसल काटने के बाद से ही उसकी देख-भाल करनी चाहिए. तो आइये इस लेख के जरिये जानते है कि किसान भाई अपने गन्ने की पेड़ी फसल से अच्छा उत्पादन लेने के लिए क्या-क्या कृषि करे –

गन्ने की पेड़ी से इस तरह ले सकते है अधिक उत्पादन

अपने गन्ने की पेड़ी से अच्छी फसल लेने के लिए किसान निम्न कृषि कार्य करे –

  • गन्ने की पहली फसल की कटाई करते समय किसान भाई इस बात का ध्यान रखे फसल की कटाई विल्कुल खेत की मिट्टी की सतह से मिलाकर करे. इससे पेड़ी के पौधों के लिए इसके आखों में अच्छा फुटाव होता है.
  • किसान भाई ऐसे उन्नतशील गन्ने की किस्मों का चुनाव करे जिनकी पेड़ी फसल भी अच्छा उत्पादन दे. ऐसे में किसान भाई को०सा० 98014, को०शा० 89003, को०जे० 83, को०जे० 88, को०शा० 8436 एवं को०शा० 88230 आदि किस्मों का चुनाव कर बुवाई कर सकते है.
  • गन्ने की खेती जिन खेतों में लाल सड़न रोग, उकठा रोग, एवं कंड रोग से ग्रसित है. ऐसे खेतों में पेड़ी फसल नही लेनी चाहिए. क्योकि यह रोग पेड़ी फसल को भी नुकसान पहुंचा सकते है.

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खाद का उचित प्रयोग करे किसान

किसान भाई अपनी धारण के विपरीत पेड़ी की फसल में भी उचित खाद एवं उर्वरक का प्रयोग करे-

  • किसान भाई पड़ी की फसल में नाइट्रोजन व फ़ॉस्फोरस खाद का छिड़काव करना बहुत जरुरी होता है.
  • इसके लिए किसान भाई 90 किलों ग्राम शुध्द नाइट्रोजन एवं 20-25 किग्रा० शुद्ध फ़ॉस्फोरस प्रति एकड़ डालना चाहिए.
  • खेत की मिट्टी की जाँच के द्वारा कम या अधिक देना उचित रहता है.
  • फ़ॉस्फोरस खाद को प्रारंभ में ही गन्ने की जड़ों के ड्रिल कर देना चाहिए. जिससे पौधे की जड़े ठीक से बढती और फैलती है.
  • नाइट्रोजन का उपयोग तीन बराबर भाग में बाँट कर करना चाहिए.
  • पहला भाग फरवरी-मार्च, दूसरा भाग अप्रैल-मई और तीसरा भाग जून के अंत में डालना लाभकारी होता है.
  • यदि किसान भाइयों के क्षेत्र में जिंक की कमी हो तो 10 किग्रा० जिंक सल्फेट प्रति एकड़ फ़ॉस्फोरस डालना लाभकारी होता है.

खरपतवार एवं सिंचाई

  • पहली फसल की सूखी पत्तियों को पेड़ी फसल के बीच में अच्छी तरह फैला देना चाहिए.
  • इससे खरपतवार नहीं होते है. तथा खेत में नमी बनी रहती है.
  • इसके अलावा निराई-गुड़ाई की आवश्यकता कम हो जाती है.
  • सूखी पत्तियां फैलाने के बाद सिंचाई जरुर करनी चाहिए.
  • पहली सिंचाई पहली फसल कटने के बाद तुरंत कर दे. उसके बाद आवश्यकतानुसार सिंचाई करते रहे.
  • वही पेड़ी की फसल में कीट एवं बीमारियों का प्रकोप अधिक होता है. इस लिए समयानुसार उनका नियंत्रण जरुर करे.

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पेड़ी फसल में इन फसलों की बुवाई कर ले डबल मुनाफा

किसान भाई अपने गन्ने की पेड़ी फसल की लाइनों में इन फसलों को लगाकर डबल मुनाफा कमा सकते है-

  • मैथी – पेड़ी गन्ना
  • मंसूर – पेड़ी गन्ना
  • गेहूं – पेड़ी गन्ना
  • प्याज – पेड़ी गन्ना
  • मूंग – पेड़ी गन्ना
  • उड़द – पेड़ी गन्ना
  • लहसुन – पेड़ी गन्ना

इसके अलावा अन्य सब्जी फसलों की बुवाई पेड़ी गन्ना के साथ की जा सकती है. बस किसान भाई अन्य फसल लेते समय इस बात का ध्यान रखे फसल के अनुसार अतरिक्त खाद की मात्रा जरुर डाले.

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