अरहर के प्रमुख रोग एवं उपज

अरहर में उकठा रोग फ्यूजेरियम ऑक्सीपोरस वै० उड़म नामक कवक द्वारा होता है. इससे पत्तियां नीली पड़ जाती हैं जड़े काली पड़ जाती है

मुक्ता उकठारोधी किस्म है.

अरहर का पर्णचित्ती रोग सर्कोस्पोरा केजेनाई नामक  कवक द्वारा होता है.

अरहर में केंकर रोग कवक द्वारा होता है. जिस की रोकथाम के लिए डाईथेन एम-45 का 3 किग्रा० प्रति हेक्टेयर की दर से छिडकाव करते है.

अरहर में बन्ध्यता मोजैक एक विषाणु द्वारा होता है. यह रोग माईट द्वारा फैलता है. रोगी पौधे से फूल एवं फल उत्पन्न नही होते है.

अरहर में फली बेधक कीट का प्रकोप होता है. इसकी कैटरपिलर अवस्था हानिकारक होती है.

अरहर के दाने से दाल का प्रतिशत 70%  होता है

अरहर में हार्वेस्ट इंडेक्स 19 प्रतिशत होता है

दाने व  लकड़ी का अनुपात 106 अनुपात 8 होता है

अरहर की  उपज  से  20 से 25 कुंतल प्रति हेक्टेयर दाना एवं 50 से 60 कुंतल प्रति हेक्टेयर की लकड़ी प्राप्त होती है

 अरहर सम्बन्धी अन्य जानकारी के लिये