कम लागत में अधिक मुनाफा तुलसी की खेती कर किसान भाई बनेंगे मालामाल

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TULSI KI KHETI
कम लागत में अधिक मुनाफा तुलसी की खेती 

कम लागत में अधिक मुनाफा तुलसी की खेती 

देश के ज्यादातर किसान अब पारंपरिक खेती को छोड़कर औषधीय खेती की तरफ रुक कर रहे हैं. क्योंकि औषधीय खेती में किसान भाई कम लागत में अधिक मुनाफा कमा लेते हैं. ज्यादातर औषधीय फसलों में कम लागत ही लगती है. जब कम लागत वाली औषधीय फसलों की बात होती है, तो उसमें से तुलसी की खेती (BASIL CULTIVATION) सबसे प्रमुख है.

तुलसी हमारी भारतीय संस्कृत में काफी अहमियत रखती है. देश के ज्यादातर घरों में तुलसी के पौधे लगे पाए जाते हैं. क्योंकि इन पौधों की पूजा की जाती है. तुलसी का उपयोग एक औषधि के रूप में भी किया जाता है. इससे कई रोगों का इलाज भी किया जाता है. इसी औषधीय गुणों के कारण बाजार में इसकी मांग अधिक रहती है. जिसके कारण इसकी अच्छी कीमत भी मिलती है. इसीलिए आज किसान भाई तुलसी की खेती कर अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं. तो आइए जानते हैं, तुलसी की मुनाफेदार खेती के बारे में-

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उपयुक्त भूमि का चुनाव

तुलसी का पौधा लगभग सभी प्रकार की मिट्टियों में लग जाता है. लेकिन इसकी अच्छी उपज के लिए भुरभुरी एवं दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त होती है. साथ ही क्षारीय और कम नमक वाली मिट्टी में भी इसका विकास बढ़िया हो जाता है. इसके अलावा भूमि से जल निकास की उचित व्यवस्था होनी चाहिए. जलभराव की स्थिति में किसान भाइयों को नुकसान उठाना पड़ सकता है.

तुलसी की उपज में लगता है कितना वक्त

तुलसी की खेती में 1 एकड़ की बुवाई के लिए 600 ग्राम  बीज की आवश्यकता पड़ती है. बुवाई के बाद इसका पौधा तैयार होने में कम से कम 15 दिन का समय आराम से लग जाता है. लेकिन इसकी फसल तैयार होने में 60 से 90 दिनों का समय लगता है. इसके बाद इसकी उपज को बाजार में बेचकर किसान भाई अच्छा लाभ कमा सकते हैं.

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खेती में लगने वाली लागत

तुलसी की खेती में खेत को अच्छी प्रकार तैयार कर लेना चाहिए. इसके उपरांत बीज की बुवाई कर देनी चाहिए. बीज बुवाई के पश्चात पहली सिंचाई कर देना उचित रहता है. जब पौधे उग आये तो पौधों में उचित नमी बनी रहनी चाहिए, इसके लिए किसान भाई समय-समय पर सिंचाई करते रहें. तैयार उपज की तुड़ाई तेज धूप वाले दिन करना सबसे उपयुक्त होता है. इसकी एक बीघा की खेती में लगभग 15 सो रुपए का खर्चा जाता है. लेकिन बाजार में इसकी अच्छी मांग होने के कारण इसकी खेती से किसान भाई इसकी लागत से कई गुना ज्यादा मुनाफा कमा सकते हैं.

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