पोल्ट्री करने वाले किसान रहे इस बीमारी से सावधान, नही तो खुद की भी हो सकती है मौत

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pakshiyo me bird flu se bachav
बर्ड फ्लू से सावधान रहे पोल्ट्री पालक किसान

पक्षियों की खतरनाक बीमारी बर्ड फ्लू से सावधान रहे पोल्ट्री पालक किसान 

देश में अधिकतर किसान एवं युवा मुर्गी पालन का कार्य करते है. जिससे उन्हें लाखों रूपये का मुनाफा होता है. लेकिन कभी-कभी मुर्गियों में होने वाली बीमारियों के कारण उन्हें नुकसान भी उठाना पड़ता है. लेकिन मुर्गियों में में होने एक बीमारी ऐसी भी जो मुर्गियों के साथ-साथ मनुष्य भी संक्रमित हो सकता है. जिससे उसकी मौत भी हो सकती है.

जी, हाँ बर्ड फ़्लू एक ऐसी बीमारी है, जो पक्षियों से मनुष्यों में होने वाली एक संक्रामक एवं पशुजन्य बीमारी है. जिसके होने से मुर्गियां बीमार होकर मरने लगती है. इसी लिए हर साल लाखों मुर्गियों को नष्ट कर दिया जाता है. कि बर्ड फ्लू जो कि संक्रामक बीमारी मनुष्यों को न हो जाए.

बर्ड फ्लू आखिर होता क्या है ?

बर्ड फ्लू को जिसे एवियन इन्फ्लूएंजा या एवियन फ्लू भी कहा जाता है. एवियन इन्फ्लूएंजा होने की मुख्य वजह वायरस एच 5 एन होता है.

इस बर्ड फ़्लू बीमारी का संक्रमण मुर्गी, टर्की, बतख, मोर आदि पक्षियों में बहुत तेजी से फैलता है. यह वायरस बहुत ही खतरनाक होता है. इससे मानव भी बहुत ही जल्द ग्रसित हो जाता है. जिससे उसकी मौत भी हो जाती है.

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मनुष्यों में कैसे होता है बर्ड फ़्लू

यदि मनुष्य बर्ड फ़्लू से संक्रमित पक्षी के मल, नाक के स्राव, मुंह की लार, तथा आँखों से निकलने वाले पानी के सम्पर्क में आता है तो उसे यह संक्रमण हो जाता है.

इसके अलावा मनुष्यों में यह संक्रमण संक्रमित पक्षी के सम्पर्क आने से, संक्रमित पक्षियों के मांस (कच्चा मांस), कच्चे अंडे या हाफ फ्राइड अंडे आदि खाने से होता है.

साथ ही मनुष्यों में यह संक्रमण संक्रमित व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को भी हो सकता है.

पक्षियों में संक्रमण को कैसे पहचाने?

  • संक्रमित पक्षी की आँख, गर्दन और सर के आस-सूजन हो जाती है.
  • पक्षी की कलंगी और टागों पर नीला पल आ जाता है.
  • इसके अलावा पक्षी का शरीर थका-थका सा लगता है एवं पक्षी सुस्त भी नजर आता है.
  • पक्षी को सांस लेने में परेशानी होती है. तथा नाक व आँख में पानी आता है.
  • पक्षी के आहार में कमी आ जाती है. वह आहार कम खाता है.
  • संक्रमित पक्षी के पंख गिरना शुरू हो जाते है.
  • पक्षी के अण्डों का उत्पादन में कमी आती है.
  • पक्षी की अचानक मौत हो जाती है.

बर्ड फ़्लू से कैसे बचाएं अपनी मुर्गियों को

  • दो प्रजाति के पक्षियों को एक स्थान पर नही रखना चाहिए. क्योकि एक पक्षी अगर संक्रमित हुआ तो वह अन्य प्रजाति के पक्षियों को संक्रमित कर देगा.
  • किसान भाई अपने पोल्ट्री फॉर्म पर बाहरी व्यक्तियों एवं पक्षियों को नही आने देना है. क्योकि बाहरी संक्रमित पक्षी से मुर्गियों के साथ-साथ मनुष्यों के लिए खतरनाक साबित होता है. इसके लिए पोल्ट्री फॉर्म जैव सुरक्षा करनी चाहिए.
  • किसान भाई अपने पोल्ट्री फॉर्म कोई भी नये पक्षी या उपकरण लाने से उसे दवाएं से छिड़काव से संक्रमण मुक्त करना चाहिए. इससे काफी हद तक बर्ड फ़्लू खतरे को भी कम किया जा सके.
  • किसान भाई यदि नए चूजे फार्म पर लाये तो 30 दिनों तक संगरोध गृह में रखना चाहिए. उसके उपरांत स्वस्थ चूजों के साथ रखना चाहिए.
  • किसान भाई अपने पोल्ट्री फार्म की नियमित सफाई करे. इसके लिए समय-समय पर चूने के घोल का छिड़काव करे.
  • बाड़े की क्षमता की मुताबिक़ ही मुर्गियों को रखना चाहिए. क्योकि पर्याप्त स्थान होने से संक्रमण होने का खतरा कम होता है.
  • यदि किसी पक्षी को बर्ड फ़्लू के संक्रमण दिखाई पड़ते है. तो उसे अन्य पक्षियों को स्वस्थ पक्षियों से अलग कर देना चाहिए. और अपने निकतम पशु चिकित्सक से संपर्क करे.

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बर्ड फ़्लू से कैसे करे बचाव?

  • मरे हुए संक्रमित पक्षियों को अन्य पक्षियों से दूर रखे और मरे हुए पक्षी को सावधानी के साथ जमीन में दबा दे.
  • अगर बर्ड प्लू फैला हुआ हो तो उस दौरान अंडे, मांस आदि का सेवन नही करना चाहिए. इसके अलावा आप अंडे या मांस का सेवन कर रहे तो उसे अच्छी प्रकार धोकर, पकाकर एवं उबालकर खाना चाहिए.
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