मधुमक्खी पालन के जरुरी है ये उपकरण, बिना इनके मधुमक्खी पालक नही कर सकते है यह व्यवसाय

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madhumakkhi palan ke liye upakaran
मधुमक्खी पालन के लिए जरुरी उपकरण 

मधुमक्खी पालन के लिए जरुरी उपकरण 

इस बंसतकालीन मौसम में देश ज्यादातर हिस्सों में मधुमक्खी पालन बड़े स्तर पर व्यवसाय की तरह किया जाता है. जिससे मधुमक्खी पालक किसान काफी मुनाफा कमाते है. और अपना जीवनयापन करते है. वही देखा जाय तो जिस तरह से खेती करने के लिए किसान भाई देशी हल से लगाकर ट्रैक्टर तक उपयोग अच्छी फसल उगाने के लिए करना पड़ता है. ठीक उसी प्रकार मधुमक्खी पालन में भी अच्छे उत्पादन के लिए कुछ उपकरणों की आवश्यकता पड़ती है.

इसलिए मधुमक्खी पालक किसान को इन उपकरणों की जानकारी होनी आवश्यक होती है. बिना इन उपकरणों के मधुमक्खी पालन संभव नही है. इसी लिए आज के इस लेख में हम मधुमक्खी पालन में उपयोग होने वाले प्रमुख उपकरणों की पूरी जानकारी मिल सकेगी. जिनके जरिये आप मधुमक्खी पालन की शुरुवात कर सकते है. तो आइये जानते है इसकी पूरी जानकारी –

मधुमक्खी पालन के लिए प्रमुख उपकरण

1 – लांगस्ट्राथ मौन गृह (मधुमक्खी बॉक्स) – यह लकड़ी का एक बक्शा होता है. इसको बनाने में गंध रहित केल या तून या सफेदा या अन्य लकड़ी से बनाता है. इसको मधुमक्खी पालन में मधुमक्खियों को पालने के लिए किया जाता है. इस बॉक्स के पांच भाग होते है. यह तलपट्टा, शिशु कक्ष, मधु कक्ष, अन्दर का ढक्कन एवं बाहर का ढक्कन के भागों में होता है. इसके प्रत्येक कक्ष में लकड़ी के बने हुए फ्रेम होते है.

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2 – स्टैंड – यह 22.5 सेमी० की ऊँचाई वाले लोहे के फ्रेम से बनाए हुए होते है. इन्ही स्टैंड के ऊपर मधुमक्खी पालन में उपयोग किया जाने वाला मौनगृह (मधुमक्खी बॉक्स) रखा जाता है. इससे उपयोग से मौनग्रहों को चीटियों एवं कीड़ों से बचाव के लिए किया जाता है. यहाँ इस बात का ध्यान रखा जाता है कि स्टैंड के पाऊँ को पानी के भरे कटोरों के ऊपर रखना होता है.

3 – मोमीशीट – यह मों की बनी हुई मधुमक्खी के छत्ते जैसी संरचना होती है. इसी के ऊपर ही मधुमक्खियाँ अपना छत्ता बनाती है.

4 – मुंहरक्षक जाली – यह कपडे से बनी हुई एक टोपी होती है. जिसको सर पर लगाया जाता है. इसमें लगी हुई जाली से मधुमक्खियों को देखा जा सकता है. यह मुख्यकार्य मधुवाटिका में काम करते समय मधुमक्खियों के डंक से सुरक्षा करना.

5 – दस्ताने – यह रबर से बने हुए होते है. जिनको हाथों में पहनने मधुमक्खियों के डंकों से सुरक्षा मिलती है.

6 – बॉक्स औजार (हाइव टूल) – यह खुरपा जैसे लोहे से बना हुआ औजार होता है. इसका प्रयोग मौनग्रहों की सफाई एवं मरम्मत के लिए किया जाता है.

7 – चाकू – यह तेज धार वाला स्टील से बना हुआ चाकू होता है. जिससे मोम निकालने का काम किया जाता है.

8 – धुँआदानी (स्मोकर) – यह स्टील का बना हुआ एक डिब्बा होता है. जिसका प्रयोग मौनग्रहों का निरीक्षण एवं शहद निष्कासन के समय धुँये के लिए किया जाता है.

9 – शहद निष्कर्षण यंत्र – यह लोहे से बना ड्रमनुमा यंत्र होता है. जो छत्तों से शहद निकालने के लिए आवश्यक होता है.

10 – ब्रश – यह कृत्रिम रेशों (नायलोन) से बना होता है. जिसका उपयोग मधुमक्खियों को हटाने में किया जाता है.

11 – रानी गेट – इसे वर्षा ऋतु में रानी को भागने से रोकने के लिए मौन गृह के द्वार पर लगाया जाता है. जिससे केवल श्रमिक मधुमक्खियाँ ही आ सके.

12 – बकछूट थैला – यह कपडे का बना हुआ थैला होता है. इसका प्रयोग मौनवंश को बकछूट के समय एवं मौनग्रह न होने पर पकड़ने के लिए किया जाता है.

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13 – फीडर – भोजन के अभावकाल के समय जब मौनों को पर्याप्त मात्रा में भोजन उपलब्ध नही होता है. उस समय मौन गृहों के पास में लकड़ी या प्लास्टिक की संरचना (फीडर) में ही कृत्रिम भोजन उपलब्ध कराया जाता है.

14 – पालन ट्रे – इसे मौनगृहों के द्वार पर लगाया जाता है. इसमें जाली लगी होती है. जब मधुमक्खियाँ इन जालियों पर चलती है. तब परागकण मधुमक्खियों के ट्रे पर गिरकर एकत्रित होता रहता है.

15 – रानी अवरोधक जाली – यह लोहे के तारों से बनी जाली होती है. इसे मौनगृह में शिशु खण्ड और मधुखण्ड के बीच में लगाते है. जिससे मामोन (रानी) मधुखण्ड में नही जा पाती है.

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