International Millet Year 2023 :मिलेट्स भोज कार्यक्रम के तहत संसद भवन में प्रधानमंत्री सहित मंत्रियों व सांसदों ने मोटे अनाजों से बनी स्पेशल डिशेज को सराहा

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International Millet Year
International Millet Year 2023

प्रधानमंत्री सहित मंत्रियों व सांसदों ने मोटे अनाजों से बनी स्पेशल डिशेज को सराहा

मोटे अनाजों को बढ़ावा देने के लिए इस वर्ष पूरे विश्व में अंतरराष्ट्रीय मोटा अनाज वर्ष (International Millet Year 2023) मनाया जा रहा है. इस कार्यक्रम के तहत देश की संसद भवन परिषद में ‘मिलेट्स भोज कार्यक्रम’ आयोजित किया गया. जिसको प्रधानमंत्री मोदी सहित केंद्रीय मंत्रिपरिषद के सदस्यों एवं लोकसभा और राज्यसभा के सांसदों ने काफी सराहा.

बाजरा सहित मोटे अनाजों से बनी स्पेशल डिशेज को केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री कैलाश चौधरी के मार्गदर्शन में बाड़मेर की टीम द्वारा तैयार किया गया था. इस टीम ने विशेष रूप से मारवाड़ क्षेत्र के मुख्य खाद्यान्न “बाजरा” से विभिन्न प्रकार की पौष्टिक एवं स्वादिष्ट खाद्य सामग्री तैयार की गई. मिलेट्स भोज के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित केंद्रीय मंत्रिपरिषद के सदस्य एवं लोकसभा व राज्यसभा के सांसदगण बाजरे से बने विभिन्न व्यंजनों की गुणवत्ता से अवगत हुए और केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी सहित बाड़मेर टीम के प्रयासों की सराहना की.

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बाजरे साथ इन मोटे आनाजों को भी व्यंजनों में किया गया शामिल

केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी के द्वारा आज कृषि मंत्रालय की ओर से संसद भवन में मिलेट्स भोज (millet feast) का आयोजन किया गया. जिसमें केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री के मार्गदर्शन में मिलेट्स भोज के लिए संसदीय क्षेत्र बाड़मेर से आई विशेष टीम द्वारा मिलेट्स के विभिन्न व्यंजन तैयार किए गए. इन मिलेट्स में बाजरे के साथ-साथ ज्वार, रागी व अन्य मोटे अनाजों द्वारा विशेष डिशेज तैयार की गई थी.

केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री हुए भावुक

मिलेट्स बोर्ड के कार्यक्रम के दौरान बाड़मेर टीम द्वारा तैयार की गई डिशेज को लेकर प्रसन्नता जाहिर करते हुए केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश द्वारा कहा गया कि नई दिल्ली संसद भवन में आज अपने प्रान्त की यह झलक देख कर रोमांचित हूँ औऱ भावुक भी. बचपन से जिस बाजरे की रोटी को हम अपने दैनिक आहार के रूप मे ग्रहण करते आए है. वह हमारा भोजन हमारी मिट्टी की महक लिए आज अपनी पौष्टिकता एवं स्वाद से सम्पूर्ण विश्व मे अपनी पहचान बनाने के लिए तैयार हो रहा है. कैलाश चौधरी ने कहा कि धन्य है हमारी धरती. धन्य है हमारी माताएँ जो सदियों से अपने हाथों से ये गुणकारी आहार खिलाकर हमें स्वस्थ एवं ऊर्जावान बनाए रखती है.

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आखिर क्या है अंतरराष्ट्रीय मोटा अनाज वर्ष

मिलेट्स भोज की कार्यक्रम को लेकर केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने बताया कि निश्चित रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित केंद्रीय मंत्रिपरिषद के सदस्य एवं लोकसभा व राज्यसभा के सांसदगण बाजरे सहित मोटे अनाज से बने विभिन्न व्यंजनों की गुणवत्ता से अवगत . मार्च 2021 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा भारत की ओर से दी गई प्रस्तावना को सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया गया है, जिसके अंतर्गत वर्ष 2023 को ‘अंतरराष्ट्रीय मोटा अनाज वर्ष’ (International Millet Year 2023) घोषित किया गया है. इस प्रस्ताव का 70 से अधिक देशों ने समर्थन किया. ऐसे में अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश-दुनिया में मिलेट्स (मोटा अनाज) आमजन तक पहुँचाना हम सभी की सहभागिता से संभव है.

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