पोल्ट्री करने वाले किसान मुर्गियों के स्वस्थ और अस्वस्थता की इस तरह करे पहचान, नही होगा मुर्गी पालन में घाटा

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Swasth evm Aswasth Murgiyon ki Pahchan
स्वस्थ और अस्वस्थ मुर्गियों की पहचान एवं लक्षण

स्वस्थ और अस्वस्थ मुर्गियों की पहचान एवं लक्षण

हमारे किसान भाई कृषि के अलावा पशुपालन, मुर्गी पालन, मछली पालन आदि अपनी आय को बढाने के लिए करते है. वही आजकल ज्यादातर लोग अधिक मुनाफे को देखते हुए मुर्गी पालन की तरफ तेजी से रुख कर रहे है. ऐसे में जरुरी हो जाता है कि मुर्गी पालन में मुर्गियों का स्वास्थ अच्छा रहे है. क्योकि मुर्गी पालन में मुर्गियां मुख्य रूप से आधार होती है. अन्यथा की स्थिति में किसानों को घाटा उठाना पडेगा.

ऐसे में यह जरुरी हो जाता है कि किसानों को मुर्गियों के स्वास्थ्य के बारे में पूरी जानकरी होनी चाहिए. वह मुर्गियों के लक्षण देखकर यह जान सके, कि कौन से मुर्गी स्वस्थ है और कौन से मुर्गी अस्वस्थ है. उस हिसाब से वह अस्वस्थ मुर्गियों का समय रहते बेहतर उपचार कर सके. जिससे वह मुर्गी पालन में अच्छा मुनाफा कमा सके. इसलिए गाँव किसान के आज के इस लेख में हम जान सकेगें कि स्वस्थ और अस्वस्थ मुर्गियों की पहचान एवं लक्षण कौन-कौन से होते है तो आइये इसके बारे में विस्तार से जानते है –

स्वस्थ मुर्गियों की पहचान कैसे करे मुर्गी पालक किसान

मुर्गी पालन में सबसे जरुरी होता है.स्वस्थ मुर्गियों की पहचान करना. क्योकि मुर्गियों के स्वास्थ्य पर ही लाभ और हानि निर्धारित होती है. तो आइये इन निम्न बिन्दुओं के जरिये स्वस्थ मुर्गियों की पहचान की जा सकती है –

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  • स्वस्थ मुर्गियों का वजन सामान्य, चैतन्य, फुर्तीलापन, हाथ से पकड़ने में संघर्ष करना पड़ता है तथा उठाते समय टांगों में प्रचलन शक्ति का आभास मालूम पड़ेगा.
  • स्वस्थ मुर्गी की उसके चहरे से भी की जा सकती है. उसका चेहरा भरा हुआ, नासिका एकदम साफ़ व म्यूकस रहित, आँखों में ज्योति और अधिक प्रकाश होने पर तुरंत नेत्रों का व्यवस्थापन कर लेती है.
  • एक स्वस्थ मुर्गी की कलंगी व गलकम्बल साफ़, चमकदार एवं दीप्त लाल रंग की पायी जाती है.
  • उसके पंख साफ़-सुथरे एवं व्यवस्थिति, चमड़ी चमकदार एवं पिगमेंट वाली पायी जाती है.
  • स्वस्थ मुर्गियों में टाँगे समान, चमकदार साफ़ एवं भरी हुई पाई जाती है.
  • स्वस्थ मुर्गी अपने दाने वाले आहार को बराबर खाती रहती है. समय-समय पर पानी पीती रहती है. तथा उसकी क्रॉप भरी हुई होती है.
  • इनकी बीट सफ़ेद रंग लिए हुए मटमैले भूरे रंग की बंधी हुई होती है.

अस्वस्थ मुर्गियों के लक्षणों को कैसे जाने मुर्गी पालक किसान 

मुर्गी पालक किसान भाई अस्वस्थ मुर्गियों को उनके लक्षणों को देखकर जान सकते है. मुर्गी स्वस्थ या अस्वस्थ यह निम्न लक्षणों से पता चलता है तो आइये बिन्दुवार इन लक्षणों के बारे में जानते है –

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  • एक अस्वस्थ मुर्गी के वजन में कमी, सुस्ती एवं उदासी, उठाते समय संघर्ष न करना, साँस लेते समय व्याकुलता तथा शारीरिक तापमान कम या अधिक होना प्रमुख लक्षण है.
  • इसके अलावा उसका पेट फूला हुआ या पानी से भर हुआ, उसकी नाक में म्यूकस, नेत्र सुस्त एवं सूजे हुए पाए जाते है.
  • उसकी कलंगी सिकुड़ी हुई या मुरझाई हुई पीले रंग की एवं गलकम्बल में सूजन पायी जाती है.
  • अस्वस्थ मुर्गियों में पंख झुके हुए मैले से रंग के तथा चरम में सूजन-सी दिखाई पड़ती है.
  • बीमार मुर्गियों के टांगों में सूजन हो जाती है वह लंगडाकर चलती है.
  • आहार खाने के मामले में अस्वस्थ मुर्गियां खाने कम या बंद ही कर देती है. और उन्हें प्यास अधिक लगती है.
  • इनका बीट हरे, पीले, सफ़ेद रंग की बीट के अलावा दस्त के रूप में पतली बीट होती है.
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