सर्दी के मौसम में बकरियों का रखे खास ख्याल,नही तो बकरी पालन में उठाना पडेगा नुकसान

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goats in winter season
सर्दियों के मौसम में बकरियों की देखरेख कैसे करे

सर्दियों के मौसम में बकरियों की देखरेख कैसे करे ? 

देश के उत्तरी क्षेत्र में दिसम्बर, जनवरी और फरवरी में काफी ठण्ड पड़ती है. ऐसे मौसम में दिन और रात के तापमान में काफी अंतर होता है. जिसके चलते बकरी पालक किसानों की बकरियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. ठण्ड के मौसम में कम तापमान के चलते वनस्पतियाँ और पेड़ पौधे तक सूखा जाते है. जिसके चलते बकरियों के हरे चारे का आभाव रहता है. जिसका असर बकरी के स्वास्थ्य और उत्पादन पर पड़ता है.

इसके अलावा अधिकतम तापमान गिरने ठण्ड बढ़ जाती है. यहाँ तक पिछले कुछ वर्षों में दिसम्बर, जनवरी और फरवरी का तापमान शून्य के नीचे तक चला जाता है. जिसका प्रभाव बकरियों के स्वास्थ्य पर पड़ता है. ठण्ड के मौसम में बकरियों एवं विशेष कर उनके बच्चों को दस्त या निमोनिया होने की पूरी-पूरी सम्भावना होती है. जिससे उनकी म्रत्यु तक हो जाती है. इस तरह पशुपालक किसान भाई को नुकसान उठाना पड़ता है. ऐसे बकरियों का विशेष ध्यान रखना पड़ता है. तो आइये जानते है ठंड के इस मौसम में बकरी पालक किसान भाई अपनी बकरियों का ध्यान कैसे रखे.

बकरियों को धूप रखे 

सर्दियों के मौसम में बकरियों की शारीरिक ऊर्जा का लगातार ह्रास होता रहता है. यह इसलिए क्योकि बकरी के शरीर का तापमान 37-38 डिग्री के आसपास होता है. जबकि सर्दियों के मौसम में तापमान करीब-करीब 10-15 डिग्री के आसपास रहता है. जबकि रात में यह और भी नीचे गिर जाता है. वही सर्दियों में दिन भी काफी छोटे होते है. जिसके कारण सूर्य भी कुछ देर के लिए निकलता है.

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ऐसे में बकरी पलक किसान भाई इस बात का ध्यान रखे. जिस समय दिन में सूर्य निकले, तो बकरियों को इसकी धूप में ही बाँधना चाहिए. क्योकि धूप से प्राप्त ऊर्जा बारियों के लिए काफी उपयोगी साबित होगी. इससे बकरी के मेमनों में भी वृध्दि होगी. और उनके दूध देने की क्षमता में भी बढ़ोत्तरी होगी.

ठंड के मौसम में बकरियों के आवास में करे बदलाव   

सर्दियो के मौसम में किसान भाईयों को बकरियों के आवास में वातावरण के अनुकूल बदलाव करना चाहिए. इसके लिए निम्न बदलाव जरुरी है.

  • बकरी के आवास में ठण्ड के मौसम में हवा का आवागमन कम होना चाहिए.
  • बकरी आवास के खुली खिडकियों और दरवाजों पर बोरे, प्लास्टिक, एस्बेस्टस आदि को लटकाकर बंद कर देना चाहिए, जिससे हवा अन्दर न आने पाए और बकरियों से उत्पन्न गर्मी कमरे को गरम करने में मदद करे.
  • आवास के कमरे के अंदर पुआल, भूसा, फूस आदि बकरियों के बैठने के स्थान के नीचे फर्श पर बिस्तर के रूप डाले.
  • पशुपालक इस बात का ध्यान रखे बिछावन वाला पुआल आदि भीगने पर उसे आवश्यतानुसार तुरंत ही बदल दे.
  • बकारियों का आवास सूखा होना चाहिए.
  • बकरियों का आवास का निर्माण इस तरह होना चाहिए दिन के समय सूर्य की धूप आवास के कमरे में आ सके.
  • आवास में पर्याप्त मात्रा में धूप आ सके. इसके लिए आवास के पास के पेड़ों की छंटाई कर देनी चाहिए.

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सर्दियों में ब्याने वाली बकरी का विशेष ध्यान 

सर्दियों के मौसम में ब्याने वाली बकरी का विशेष ध्यान रखना पड़ता है. अगर सर्दी में बकरी ब्याती है. तो उसे ऐसे स्थान पर रखना चाहिए, जहां ठंडी हवा नही चल रही हो. बकरी से जन्में मेमना को सूती कपडे से पोछ कर सूखा कर देना चाहिए. क्योकि ठंडी हवाओं से गीले बच्चों के शरीर से ऊर्जा का ह्रास बहुत तेजी से होता है. जिससे पैदा हुआ मेमना मर भी सकता है. यदि मौसम में ठंड अधिक है तो जिस आवास में बकरी के बच्चे रखे जाय वहां पर हीटर की व्यवस्था होनी चाहिए.

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