गेहूं की फसल को चूहों से इस तरह बचा सकते है किसान, उत्पादन मे होगी बढ़ोत्तरी

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How to protect wheat crop from rats
गेहूं की फसल को चूहों को कैसे बचाएं ?

गेहूं की फसल को चूहों को कैसे बचाएं ?

देश मे इस समय गेहूं की खेती का सीजन चल रहा है। जिसमें बहुत सारे किसान गेहूं की खेती करते है। वही गेहूं की अच्छी फसल से अच्छा उत्पादन प्राप्त होने से किसानों की आय मे बढ़ोत्तरी होती है। लेकिन कभी-कभी रोग-कीट और चूहों द्वारा गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचाया जाता है। जिससे किसानों की फसल के उत्पादन मे गिरावट आती है। और उन्हे नुकसान उठाना पड़ता है। इसलिए आज के इस लेख मे हम यह जानने की कोशिश करेगें, कि किसान भी अपनी फसलों को चूहों के प्रकोप से कैसे बचाएं जानने की कोशिश करेगें।

आईये सबसे पहले जाने चूहे के बारे मे

चूहा एक स्तनधारी प्राणी है। यह लगभग सभी देशों मे पाया जाता है। खासकर उष्ण देशों मे इसकी संख्या ज्यादा पाई जाती है। यह हमारे घरों के अलावा खेतों मे बहुतायत पाया जाता है। जो घर की चीजों जैसे कपड़े, सूटकेस, किताबों, खाना, अनाज के अलावा खेतों मे फसलों को काटकर नुकसान पहुंचता है।

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इसका शरीर बालों से ढका एवं सिर, गर्दन, धड़ और पूंछ मे विभक्त होता है। इसका सिर ऊपरी एवं निचली ओठ से घिरा रहता है। इसके अलावा सिर मे एक जोड़ी आखें, दो कान, धड़ मे दो जोड़ी पैर तथा स्तन पाए पाए जाते है। आखों के ऊपर तथा किनारों मे लंबें एवं कड़े बाल, जिन्हे मूंछ कहा जाता है। यह स्पर्शेन्द्रिय का कार्य करती है।

खेतों मे पाए जाने वाले प्रमुख चूहे

देश के किसानों के खेतों मे पाया जाना वाल चूहा रैट फील्ड (खेतों का चूहा) कहा जाता है। यह मुलायम बालों वाला होता है। इसके अलावा फील्ड माउस एवं फील्ड रैट भी इसी श्रेणी मे आते है। जो किसानों की फसलों को खासकर गेहूं एवं धान की फसल को नुकसान पहुंचता है।

गेहूं की फसल मे चूहों के नियंत्रण का उपाय

किसान भाई अपनी गेहूं की फसल को चूहों से बचाने के लिए यह साप्ताहिक कार्यक्रम अपना सकते है। जिसमें किसान जिंक फॉस्फाइड 80 का उपयोग करने के बाद चूहों की निगरानी करनी होती है। तो आइए इसके बारे मे विस्तार से जाने-

  • पहले दिन क्या करे किसान – किसान भी अपने खेतों मे यह जांच करे, कि उनके खेत मे चूहे के कितने बिल है। उन बिलों को वह अच्छी तरह बंद कर दे। और पहचान के लिए एक लकड़ी या डंडा जरूर लगा दे।
  • दूसरे दिन क्या करे किसान – इस दिन किसान भाई अपने खेत मे जाकर यह देखे किस-किस जगह पर पर बिल खुले है। जिस ही जगह बिल खुले हो वहाँ डंडे लगे रहने दे। बंद बिलों से डंडे हटा दे। साथ ही खुले बिलों के पास एक भाग सरसों का तेल और 48 भाग भुने हुए दाने का बिना जहर का बना हुआ चारा रख दे।
  • तीसरे दिन क्या करे किसान – इस दिन भी किसान भाई बिलों की जांच करे,  और फिर एक बार बिना जहर वाला चार बिलों के पास रख दे।

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  • चौथे दिन क्या करे किसान – किसान भी इस दिन जिंक फॉस्फाइड 80 प्रतिशत की 1.0 ग्राम मात्रा मे 1.0 ग्राम सरसों का तेल एवं 48 ग्राम भुने हुए दाने का जहरीला चारा बनाएं और बिलों के पास रख दें।
  • पांचवें दिन क्या करे किसान – इस दिन किसान भाई फिर एक बार बिलों की जांच करे, जो भी चूहे मरे हो उन्हे जमीन को खोद कर किसान भाई गाड़ दे।
  • छठवें दिन क्या करे किसान – इस दिन भी किसान भाई चूहे के बिलों की निगरानी कर मरे हुए चूहो को गाड़ दे। और बिलों को पुनः बंद कर दे। अगले दिन आकार देखे जो भी बिल खुले मिले तो पुनः वही साप्ताहिक कार्यक्रम अपनाएं।

इसके अलावा किसान भाई को ब्रोमोडियोलोन 0.005 प्रतिशत के बने चारे की 10 ग्राम मात्रा प्रत्येक जिंदा बिल मे रखना चाहिए। इस दवा का प्रयोग करने से चूहा 3 से 4 बार खाने के बाद ही मरता है।

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