मुर्गी पालक किसानों के लिए सरकार ने जारी की नई गाइडलाइन, अब मुर्गी पालन के लिए इन नियमों को अपनाएंगे मुर्गी पालक किसान

0
government guideline for opening a poultry farm
सरकार ने जारी की नई गाइडलाइन

मुर्गी पालक किसानों के लिए सरकार की नई गाइडलाइन | Government’s new guidelines for poultry farmers

देश में अब मुर्गी पालक किसानों का दायरा बढ़ता जा रहा है. क्योंकि यह एक ऐसा बिजनेस बन गया है जो आपको कम समय में अधिक मुनाफा देता है. ग्रामीण क्षेत्र के अलावा यह मुर्गी पालन का बिजनेस अब शहरों में भी तेजी से बढ़ने लगा है. वैसे मुर्गी पालन को सभी मौसमों में किया जाता है, लेकिन ठंड की शुरुआत होते ही इसके बिजनेस को अधिक मुनाफा होता है. क्योंकि गर्मी की अपेक्षा सर्दियों में इसके अंडे और चिकन की मांग तेजी से बढ़ती है. इसलिए ठंड के मौसम में अधिकतर इसकी शुरुवात करते है. देश के ज्यादातर किसान दो तरीके से मुर्गी पालन करते हैं एक बैकयार्ड और दूसरा कमर्शियल.

वही जो भी किसान मुर्गी पालन का व्यवसाय करते हैं या करने की इच्छुक हैं. उनके लिए सरकार द्वारा पोल्ट्री फार्म खोलने पर कुछ नए नियम जारी किए गए हैं. इसलिए जो भी किसान भाई मुर्गी पालन के लिए पोल्ट्री फार्म खोलना चाहते हैं. तो आपको सरकार द्वारा जारी की गई, इस गाइड लाइनों को मानना होगा अन्यथा की स्थिति में किसान भाइयों पर कार्रवाई भी की जा सकती है, और उनका पोल्ट्री फार्म सरकारी नियमों के तहत बंद भी कराया जा सकता है. इसलिए लिए इस लेख के जरिए हम यह जानने की कोशिश करेगें कि पोल्ट्री फार्म खोलने पर कौन-कौन से सरकारी नियमों का पालन किसान पोल्ट्री पालको को करना होगा-

मुर्गी फार्म खोलने के लिए क्या है नई सरकारी गाइडलाइन (What is the new government guideline for opening a poultry farm?)

जो भी किसान भाई व्यवसायिक मुर्गी पालन करना चाहते हैं. वह मुर्गियों के लिए एक आवास का निर्माण करते हैं. उसे पोल्ट्री फार्म कहा जाता है. यह पोल्ट्री फार्म मुर्गियों की संख्या के अनुसार बड़ा या छोटा बनाया जाता है. जहां पर किसान अपनी मुर्गियों को रखते हैं. ऐसे में इस आवास व इसके आसपास प्रदूषण व गंदगी फैलने की संभावना अधिक रहती है. इसीलिए सरकार द्वारा पोल्ट्री फार्मिंग करने वाले किसानों को इस प्रदूषण और गंदगी से निजात दिलाने के लिए कुछ सरकारी नियम बनाकर जारी किए हैं. जिससे किसान का पोल्ट्री फार्म के साथ-साथ आसपास का वातावरण भी अच्छा रह सके, चलिए आपको बताते हैं वह कौन-कौन से वह सरकारी नियम है-

यह भी पढ़े : इस राज्य के ग्रामीण इलाकों में चल रहा है वैक्सीन महाअभियान, क्योंकि यह बीमारी बन रही है पशुओं की मौत का कारण

  • सरकार के राज्य प्रदूषण नियंत्रण परिषद की गाइडलाइन के अनुसार जो भी किसान भाई अपने पोल्ट्री फार्म में 5000 या इससे अधिक मुर्गियां रखते हैं तो उन्हें मुर्गी पालन के लिए प्रदूषण प्रमाण पत्र देना जरूरी होगा.
  • इसके अलावा किसान भाई इस बात का ध्यान रखें कि जिस स्थान पर वह अपना पोल्ट्री फार्म खोलना चाहते हैं उससे 500 मीटर दूरी तक कोई भी आवासीय क्षेत्र नहीं होना चाहिए.
  • साथ ही पोल्ट्री फार्म खोलने वाली जगह के पास बृहद जल स्रोत जैसे नदी, झील, कुआं और पानी के स्टोरेज टैंक से कम से कम 100 मीटर की दूरी होनी अनिवार्य है.
  • किसान भाई अपना पोल्ट्री फार्म नेशनल हाईवे से 100 मी०, स्टेट हाईवे से 50 मी० और सड़क से कम से कम 10 मीटर की दूरी जरूर रखनी होगी.
  • किसान भाई जब भी अपने पोल्ट्री फार्म का निर्माण कारण तो पोल्ट्री फार्म के शेड से चारदीवारी की दूरी 10 मी रखना चाहिए.
  • अपने क्षेत्र के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी से जमीन के निरीक्षण की एन०ओ०सी० लेना अनिवार्य कर दिया गया है.
  • पोल्ट्री फार्म के ऊपर से किसी प्रकार की हाईवोल्टेज इलेक्ट्रिक लाइन नहीं निकली होनी चाहिए
  • जिस स्थान पर पोल्ट्री फार्म का निर्माण हो रहा है उसे नजदीक स्कूल, कॉलेज या कोई धार्मिक स्थल तो नहीं है इस बात का ध्यान किसान भाई रखें क्योंकि इन स्थानों से 500 मीटर की दूरी होनी चाहिए.

किसान भाई आवास बनाते समय इस बात का रखे ध्यान 

  • किसान के पोल्ट्री फार्म में बिजली की बेहतर व्यवस्था होना अनिवार्य है.
  • पोल्ट्री फार्म बनाए जाने वाले स्थान का समतल होना भी आवश्यक है
  • मुर्गियों के सेट की जाली वाली साइड उत्तर से दक्षिण में होनी चाहिए
  • पोल्ट्री फार्म का सेट जमीन से आधा मीटर ऊपर होना चाहिए
  • पोल्ट्री फार्म जल भराव वाली भूमि पर नहीं होना चाहिए

यह भी पढ़े : अगर किसानों को बनना है मालामाल, तो इस तरह करें कद्दू की खेती, आइये जाने कैसे

सरकार पोल्ट्री फार्मिंग पर देती है अनुदान (Government gives subsidy on poultry farming)

जो भी किसान भाई पोल्ट्री फार्मिंग करना चाहते हैं. उनके लिए बिहार राज्य सरकार द्वारा मुर्गी पालन विकास योजना के तहत अनुदान उपलब्ध कराया जाता है. जिसमें किसान मुर्गी फार्म खोलने के लिए अनुदान और लोन के ब्याज पर छठ का भी लाभ दिया जाता है. इस योजना के तहत 5,000 से 10,000 लेयर मुर्गी फार्म खोलने पर किसान सहायता के लिए अनुदान देने का प्रावधान है. जिसके तहत पोल्ट्री फार्म में मुर्गी पालन के लिए 30 से 40% तक का अनुदान मुर्गी पालक को आर्थिक सहायता के रूप में दिया जाता है. वही बैंक के लोन (Bank Loan) पर लगने वाले ब्याज पर भी 50% तक का अनुदान दिया जाता है. इसके अलावा योजना के तहत सामान्य वर्ग को पशुपालन विभाग की तरफ से 10,000 लेयर मुर्गी क्षमता फीड मिल के लिए प्रति इकाई लागत के लिए एक करोड रुपए तक का निर्धारित की गई है, वहीं विभाग की तरफ से सामान्य वर्ग को लागत का 30% या अधिकतम 30 लाख रुपए तक का अनुदान उपलब्ध कराया जाता है. वही 5,000 लेयर मुर्गी क्षमता फीड मिल सहित प्रतिकाई लागत 48.50 लाख रुपए तक निर्धारित की गई है. जिस पर 30% या अधिकतम 14.55 लाख रुपए तक का अनुदान उपलब्ध कराया जाता है. साथ ही में बैंक लोन पर भी ब्याज में 4 साल तक के लिए 50% तक का अनुदान दिया जाता है. वही अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति व पिछड़ा वर्ग को 40% तक का अनुदान दिया जाता है.

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here