पशुओं को अवस्थाओं के हिसाब से दे पशु आहार, स्वास्थ के साथ-साथ दूध उत्पादन में होगी बढ़ोत्तरी

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Pashuo ka aahar
पशु की विभिन्न अवस्थाओं के अनुसार आवश्यक आहार

पशु की विभिन्न अवस्थाओं के अनुसार आवश्यक आहार

पशु पालन धीरे-धीरे एक बड़े उद्योग में तब्दील होता जा रहा है. इसलिए पशु पालको की आमदनी में भी बढ़ोत्तरी हो रही है. ऐसे में लोग पशुपानल में अधिक रूचि ले रहे है. पशुपालन के व्यवसाय में पशुओं की मुख्य भूमिका रहती है. ऐसे में पशुओं की सेहत का विशेष ध्यान रखना पड़ता है. जिसमें पशु आहार की मुख्य भूमिका होती है.

पशुओं को पशु आहार देते समय इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए. कि पशुओं को दिया जाने आहार पशु को किस उद्देश्य के लिए दिया जा रहा है. तथा पशु के शरीर में वह आहार और कैसे उपयोग में आता है. इसी आधार पर आज हम पशुओं को दिया जाने वाले आहार के बारे में बाते करने वाले है –

केवल जीवन निर्वाह के लिए दिया जाने वाला आहार

पशुओ को दिया जाने वाले ये आहार में चारे तथा दाने की वह कम से कम मात्रा जो पशु की आवश्यक जीवन क्रियाओं के लिए आवश्यक होता है. इस आहार की मात्रा में न तो पशु के वजन में कमी आती है न ही पशु के वजन में वृध्दि होती है. यही पशु का जीवन निर्वाहक आहार कहलाता है.

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जीवन निर्वाह आहार की मात्रा पशु के वजन पर निर्भर करती है. अगर दूसरी तरह से कहा जाय तो अधिक वजन वाले वाले पशुओं को जीवन निर्वाह के लिए ज्यादा आहार की जरूरत होती है.

एक वयस्क पशु को चारे के अलावा लगभग एक से दो किलोग्राम दाना मिश्रण जीवां निर्वाह आहार के रूप में दिया जाता है.

पशुओ के बढ़वार के लिए आहार

यह पशुओ आहार पशुओं के बच्चों को दिया जाता है. जिससे उनकी बढ़वार और वजन वृध्दि हो सके. इसी को बढ़वार आहार कहा जाता है.

इसको जीवन निर्वाह आहार के अतरिक्त दिया जाता है. बहुते हुए बछड़े एवं बछडियों को आयु के मुआबिक आधा किलों से दो किलोग्राम तक दाना मिश्रण चारे के आलावा खिलाया जान चाहिए.

पशु की गर्भावस्था के दौरान आहार

गर्भावस्था के दौरान पशुओं का विशेष ध्यान रखना चाहिए. जब पशु सात महीने अधिक ग्याभिन होने पर उसे जीवन निर्वाहन के अलावा गर्भावस्था में बच्चे के विकास तथा स्वयं को प्रसूति काल और उसके बाद स्वस्थ रखने के लिए जिस अतरिक्त राशन की आवश्यकता होती है. उस ही गर्भावस्था आहार कहा जाता है. इसके लिए पशु को गर्भावस्था के आठवे महीने 1 से लेकर 2 किलोग्राम तक दाना मिश्रण देना लाभकारी होता है.

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दूध उत्पादकता के लिए आहार 

दूध उत्पादकता को बढाने के लिए पशु को जो अतरिक्त राशन देना पड़ता है. दुग्ध उत्पादकता आहार के श्रेणी में रखा जाता है.

दूध उत्पादकता आहार की मात्रा पशु के द्वारा दिए जाने वाले दूध पर निर्भर करती है. या इस तरह भी कह सकते है कि अधिक दूध देने वाले पशु को अधिक आहार की जरुरत होती है.

दूध उत्पादन करने वाले पशु के लिए प्रत्येक 2 किलोग्राम दूध पर 1 किलोग्राम दाना मिश्रण देना चाहिए.

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