Fenugreek farming – मेथी की खेती कैसे करे ? जानिए पूरी जानकारी (हिंदी में)

0
717
fenugreek-farming
मेथी की खेती (Fenugreek Farming) कैसे करे ?

मेथी की खेती (Fenugreek Farming) कैसे करे ?

नमस्कार किसान भाईयों,मेथी का उपयोग हम सभी के घरो में शाक और मसाले के रूप में होता है.आज गाँव किसान अपने इस लेख के द्वारा मेथी की खेती (Fenugreek farming) कैसे करे ? इसकी पूरी जानकारी अपनी भाषा हिंदी में देगा.जिससे किसान भाई इसकी खेती कर अच्छा लाभ कमा सके.तो आइये जाने है मेथी की खेती (Fenugreek farming) की पूरी जानकारी.

मेथी के फायदे 

मेथी का उपयोग आयुर्वेदिक दवाओं को बनाने में किया जाता है.इसकी पत्तियों का उपयोग भी काफी लाभदायक होता है यह ठंडक प्रदान करने के साथ क्षुधावर्धक भी होती है.मेथी के बीजों का चूर्ण सर में लगाने से बालों का झड़ना/गिरना रुक जाता है.मेथी का सेवन मधुमेह से ग्रसित रोगी के लिए काफी फायदेमंद होता है.मेथी में कई पोषक तत्व पाए जाते है.यह एक लाभकारी जड़ी-बूटी है.

उत्पत्ति एवं क्षेत्र 

मेथी का वास्तविक नाम ट्राईगोनेला फोइनम ग्रेइकम (Trigonella foenum graecum) एवं कुल (परिवार) फबेसी (Fabaceae) है.इसकी उत्पत्ति पूर्वी यूरोप और इथोपिया मानी गयी है.भारत में इसकी खेती मुख्य रूप से राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, गुजरात,हिमाचल प्रदेश तथा कुछ हद तक बिहार में भी की जाती है.

यह भी पढ़ेटमाटर की खेती (Tomato Farming) की पूरी जानकारी अपनी भाषा हिंदी में

प्रमुख किस्में 

मेथी की प्रमुख किस्मों में राजेंद्र क्रांति, को०-1 (co-1), आर० एस० टी०-1, लेम सेलेक्शन, कसूरी मेथी, पूसा अर्ली बंचिंग, मेथी न०-14, मेथी न०-47, ई० सी०-491, सी० एस०-960, सी० एस०-381, आर० एस०-16 आदि है.

जलवायु

मेथी ठंडक के मौसम की फसल है तथा इसके वानस्पतिक विकास के लिए ठन्डे मौसम का होना बहुत जरुरी है.इसमें पाला सहने की भी क्षमता होती है.

मिट्टी 

मेथी की खेती (Fenugreek farming) प्रत्येक प्रकार की मिट्टी में की जा सकती है.लेकिन बेहतर उपज के लिए जीवांश युक्त दोमट मिट्टी विशेष रूप से उपयुक्त होती है.मेथी वाले खेत की पानी निकासी की उचित व्यवस्था होना जरुरी होता है.हल्की अम्लीय से लेकर हल्की क्षारीय मिट्टी इसकी खेती के लिए उयुक्त पाई गई है.

खेत की तैयारी

मेथी की खेती (Fenugreek farming) के लिए खेत की एक बार मिट्टी पलटने वाले हल से और 2 से 3 जुताई कल्टीवेटर या देशी हल से करनी चाहिए.साथ ही प्रत्येक जुताई के बाद पाटा चलाना चाहिए ताकि खेत समतल एवं मिट्टी भुरभुरी हो जाए.पूर्व फसलों के अवशेषों, खरपतवारों एवं ईट-पत्थर इत्यादि के टुकड़ों को खेत से निकाल देना चाहिए.

खाद एवं उर्वरक 

खेत की पहली जुताई के समय 250 से 300 कुंटल प्रति हेक्टेयर गोबर की सड़ी हुई खाद भूमि में मिलाये.इसके अलावा 50 किलोग्राम नाइट्रोजन, 40 किलोग्राम फास्फोरस एवं 20 किलोग्राम पोटाश प्रति हेक्टेयर खेत में डाले.नाइट्रोजन की आधी मात्रा आखिरी जुताई के समय फास्फोरस और पोटाश के साथ डाले.नाइट्रोजन की बची हुई शेष मात्रा दो बराबर भागों में बांटकर कड़ी फसल में डाले.

बीज की बुवाई 

मैदानी भागों में मेथी की बुवाई मध्य सितम्बर से मध्य नवम्बर तक की जाती है.वही पहाड़ी क्षेत्रों में मार्च से अप्रैल तक बुवाई की जा सकती है.इसके अलावा पत्तियों के लिए इसकी बुवाई फरवरी महीने में कर सकते है.

बीजदर 

मेथी के शाक (पत्तियों) की बुवाई के लिए 35 किलोग्राम बीज प्रति हेक्टेयर की जरूरत होती है.अगर बीज हेतु (सामान्य मेथी) मेथी की बुवाई करनी है तो 35 किलोग्राम बीज प्रति हेक्टेयर बीज की आवश्यकता होती है इसके अलावा बीज हेतु (कसूरी मेथी) मेथी की बुवाई के लिए 10 से 12 किलोग्राम बीज प्रति हेक्टेयर की जरुरत होती है.

बीज बुवाई की पध्दति 

मेथी की हरी पत्तियों के लिए आप छिड़काव विधि अपनाकर बुवाई कर सकते है.बीज के लिए मेथी की खेती करनी है तो मेथी की बुवाई पंक्तियों में करनी चाहिए.मेथी की एक पंक्ति से दूसरी पंक्ति के बीच की दूरी 20 से 25 सेमी० रखनी चाहिए.वही पौधे से पौधे की दूरी 7 से 10 सेमी० रखनी चाहिए.मेथी के बीज को अधिक गहराई में नही बोना चाहिए.इसकी 2 से 3 सेमी० रखनी चाहिए.क्योकि इसका बीज छोटा होता है गहराई में जाने से जमाव ठीक प्रकार से नही होता है.

सिंचाई 

मेथी को हर समय नमी की आवश्यकता होती है.इसलिए 15 से 20 दिन के अंतराल पर सिंचाई करते रहना चाहिए.इससे मेथी की अच्छी बढवार होती है.

निराई-गुड़ाई 

मेथी को खर पतवार से मुक्त रखने के लिए निराई-गुड़ाई बहुत ही आवश्यक है.इसलिए जब भी निराई-गुड़ाई की आवश्यकता हो जरुर करे.

फसल की कटाई 

मेथी की पत्तियों के लिए पहली कटाई, बुवाई के लगभग चार सप्ताह बाद करनी चाहिए.उसके बाद चार से पाँच कटाई और करनी चाहिए.अगर बीज के लिए मेथी की फसल लेनी हो तो दो से तीन कटाई के बाद मेथी के पौधों की कटाई बंद कर देनी चाहिए.जब मेथी के फल पक कर तैयार हो जाएँ तब बीज के लिए फसल की कटाई करनी चाहिए.

उपज

मेथी की खेती (Fenugreek farming) ऊपर बताई गयी उन्नत विधि द्वारा करते है तो अच्छी उपज प्राप्त कर सकते है.साधारण मेथी (हरी पत्तियों) के लिए एक हेक्टेयर में लगभग 75 से 88 कुंटल प्रति हेक्टेयर तक उपज प्राप्त कर सकते है.वही कसूरी मेथी (हरी पत्तियों) के लिए एक हेक्टेयर में लगभग 90 से 100 कुंटल प्रति हेक्टेयर तक उपज प्राप्त कर सकते है.इसके अलावा बीज के लिए एक हेक्टेयर में मेथी की 10 से 15 कुतंल तक की उपज परपता कर सकते है.

भण्डारण

मेथी की हरी पत्तियों को अच्छी तरह सुखाकर एक वर्ष तक के लिए भंडारित किया जा सकता है.इसके अलावा मेथी के बीजों को अच्छी तरह सुखाकर 3 वर्षों तक के लिए भंडारित किया जा सकता है.

यह भी पढ़े कटहल की खेती (Jackfruit farming) कैसे करे ? जानिए अपनी भाषा हिंदी में

कीट एवं रोग तथा उसकी रोकथाम 

दीमक 

दीमक मेथी के पौधो की जड़ों को कट देते है जिससे पौधे सूख जाते है.और फसल को भारी नुकसान होता है.

रोकथाम 

मेथी में दीमक की रोकथाम के लिए खेत की जुताई करते समय क्लोरपाइरीफ़ॉस 25 किग्रा० प्रति हेक्टेयर की दर से खेत की मिट्टी में अच्छी तरह मिलनी चाहिए.

लाही

लाही मेथी की पत्तियों एवं फल से रस चूस लेते है.जिससे पौधों को हानि पहुंचती है. जिससे मेथी की उपज कम हो जाती है.

रोकथाम

मेथी में लाही की रोकथाम के लिए रोगर 30 ई० सी० दवा 1.0 से 1.5 मिली० प्रति लीटर पानी में घोलकर छिड़काव करना चाहिए.

लीफ स्पॉट 

यह मेथी फफूंद जनक बीमारी है.इस बीमारी के कारण मेथी की पत्तियों पर छोटे छोटे भूरे रंग के धब्बे बन जाते है.जिससे पत्तियों को नुकसान पहुंचता है.

रोकथाम 

मेथी में लीफ स्पॉट की रोकथाम के लिए वैविस्टीन नमक दवा 0.10 प्रतिशत का घोल बनाकर फसल पर छिड़काव करना चाहिए.

निष्कर्ष

किसान भाईयों उम्मीद है,गाँव किसान के इस लेख से मेथी की खेती (Fenugreek farming) के बारे में जानकारी मिली होगी.गाँव किसान द्वारा इस लेख में मेथी के फायदे से लेकर कीट एवं रोग नियंत्रण तक सभी जानकारियां दी गयी है.फिर भी मेथी की खेती से सम्बन्धित कोई प्रश्न हो तो कमेन्ट बॉक्स में कमेन्ट कर पूछ सकते हो.साथ ही यह लेख आपको कैसा लगा कमेन्ट कर जरुर बताएं.महान कृपा होगी.

आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद,जय हिन्द.

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here