किसान भाई इस फल की खेती करके कमा सकते हैं लाखों रुपए, बाजार में इसकी कीमत है ₹400 प्रति किलो तक, आइये जाने इसकी खेती की पूरी जानकारी

0
Custard apple cultivation
सीताफल की खेती से किसानों का फायदा

सीताफल की खेती से किसानों का फायदा | Custard apple cultivation

Custard apple cultivation : देश के ज्यादातर किसान परंपरागत खेती करते हैं. जिससे उन्हें अच्छी आय हो जाती है. लेकिन महंगाई कैसे दौर में जीवन-यापन करना कठिन हो जाता है. ऐसे में किसान भाई कुछ ऐसी फसलों की खेती करके अच्छी कमाई कर सकते हैं. जिनकी बाजार में मांग भी अच्छी रहती है और उन्हें कीमत भी अच्छी मिलती है. जिससे वह अच्छा लाभ कमाते हैं. इसी कड़ी में हम आज एक ऐसे फल की खेती के बारे में आपको जानकारी देने वाले हैं जिसका बाजार भाव लगभग ₹400 किलो तक रहता है. जी हां, आज हम आपको सीताफल की खेती के बारे में पूरी जानकारी देंगे.

सीताफल (custard apple sitaphal) को कही-कही शरीफा भी बोला जाता है. अंग्रेजी में इसे शुगर एप्पल या कस्टर्ड एप्पल (Custard Apple) के नाम से भी जाना जाता है. इसकी खेती कर किसान भाई काफी अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं. क्योंकि यह स्वास्थ्य के लिए काफी लाभदायक होता है. इसीलिए बाजार में इसकी मांग भी अच्छी रहती है, और इसकी कीमत भी अच्छी मिलती है. आजकल सर्दियों में इसके फल की मांग काफी अच्छी रहती है, तो आईए जानते हैं इसकी खेती के बारे में पूरी जानकारी-

सीताफल की खेती के क्षेत्र

देश के ज्यादातर हिस्सों में इसकी खेती सफलतापूर्वक की जा सकती है. लेकिन यह अधिकतर महाराष्ट्र, असम, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उड़ीसा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और तमिलनाडु राज्यों में इसकी खेती सफलतापूर्वक की जाती है.

यह भी पढ़े : किसानों को नींबू,आंवला,बेल और कटहल पर यह राज्य सरकार दे रही है अनुदान, इस तरह आवेदन कर ले योजना का लाभ

सीताफल के फायदे

यह एक स्वादिष्ट और मीठा फल होता है. जो खाने में काफी अच्छा लगता है. इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन, मिनरल्स और फाइबर पाए जाते हैं. इसी कारण से बाजार में इसकी अच्छी मांग होती है. इसमें चीनी की मात्रा भरपूर पाई जाती है, इसीलिए इसका उपयोग शरबत, मिठाई,आइसक्रीम (custard apple ice cream) आदि बनाने में भी किया जाता है. यह शरीर के पाचन तंत्र को भी अच्छा बनाता है. इसके अलावा हृदय के लिए काफी लाभकारी होता है. एंटीऑक्सीडेंट होने के कारण यह हमारे शरीर से विषैला पदार्थ को बाहर निकलता है, और स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है. इसके सेवन करने से ब्लड प्रेशर नियंत्रण में रहता है. साथ ही त्वचा का स्वास्थ्य बालों का पोषण और शारीरिक कमजोरी दूर करने में भी मदद करता है.

सीताफल की खेती के लिए मिट्टी और जलवायु

सीताफल की खेती लगभग सभी प्रकार की मिट्टी में की जा सकती है. लेकिन दोमट मिट्टी इसकी खेती के लिए काफी अच्छी होती है. किसान भाई इस बात का ध्यान रखें, कि भूमि से जल निकास की व्यवस्था अच्छी होनी चाहिए. सीताफल की खेती के लिए उचित पीएच मान 5.5 से 7 के बीच उत्तम माना गया है.

वहीं अगर जलवायु की बात करें तो जिन क्षेत्रों में अधिक ठंड नहीं पड़ती है. साथ ही पाला भी नहीं पड़ता है. इसकी खेती के लिए उपयुक्त होता है. क्योंकि इसकी खेती के लिए हल्की गर्म और शुष्क जलवायु सबसे बेहतर मानी जाती है.

पौधों को लगाने का उपयुक्त समय

इसके बीजों को लगाने के लिए साल में दो समय एकदम उपयुक्त पाए गए हैं. पहला इसके बीजों (custard apple seeds) की बुवाई आप जुलाई से अगस्त महीने के बीच कर सकते हैं. दूसरा फरवरी से मार्च के बीच इसके बीजों की बुवाई के लिए सर्वोत्तम माना गया है.

सीताफल की खेती की प्रक्रिया | Custard apple cultivation

सीताफल को लगाने के लिए किसान भाई सबसे पहले पोलीथिन थैलियों को लेकर उसमें मिट्टी और खाद भर लें फिर इसमें बीज की रोपाई कर देनी चाहिए. उसके उपरांत जब इन थैलिया में पौधे (custard apple plant) आ जाएं तो उन पौधों को इन थालिया से अलग करके गड्ढे में लगा दें. लगाने से पूर्व किसान भाई 60 * 60 * 60 सेंटीमीटर के गड्ढों की खुदाई कर लें. इन गड्ढों की बीच की दूरी 5 * 5 मी रखें. खोदे गए गड्ढों को 15 से 20 दिन तक खुला छोड़ देना चाहिए. उसके उपरांत इन गड्ढों में 5 से 10 किलोग्राम सड़ी हुई गोबर की खाद या कंपोस्ट खाद साथ साथ ही 50 ग्राम एन०पी०के० की मात्रा डालनी चाहिए,और गड्ढों को भर देना चाहिए. उसके तीन से चार दिन बाद इन गड्ढों की सिंचाई करके छोड़ देना चाहिए. इसके उपरांत जब हल्की नमी रह जाए. तब इनमें उगाए गए पौधों को रोप देना चाहिए और हल्की सिंचाई कर दें.

सीताफल में खाद एवं उर्वरक कितनी मात्रा में डालें

किसी भी फसल की अच्छी पैदावार के लिए खाद एवं उर्वरक की संतुलित मात्रा का उपयोग बहुत ही जरूरी होता है. इसीलिए सीताफल की हर वर्ष अच्छी पैदावार के लिए प्रति पेड़ 20 से 22 किलोग्राम जैविक खाद, 40 किलोग्राम नाइट्रोजन 60 ग्राम फास्फोरस और 60 ग्राम पोटाश हर वर्ष डालना चाहिए. वही किसान भाई इस बात का ध्यान रखें किसी भी खाद एवं उर्वरक डालने से पहले अपने नजदीकी कृषि कार्यालय में सलाह जरूर ले एवं मिट्टी की जांच भी जरूर कराएं.

सीताफल में कितनी सिंचाईयां करनी चाहिए

सीताफल की खेती में कोई विशेष सिंचाईयों की जरूरत नहीं होती है. लेकिन गर्मियों के मौसम में आप पौधों के नीचे नमी बनाए रखने के लिए 15 दिन के अंतराल पर सिंचाई कर दें. वैसे इसकी खेती की सिंचाई के लिए किसान भाई ड्रिप इरीगेशन का इस्तेमाल करें, तो सबसे अच्छा होता है. इससे सभी पौधों तक समुचित पानी पहुंचता है, एवं किसी प्रकार के उर्वरक का प्रयोग भी आसानी से हो जाता है.

यह भी पढ़े : पशुपालकों को अपने पशुओं को कितना आहार खिलाना चाहिए, कि उनकी दूध देने की क्षमता हो अधिक, आइये जाने

सीताफल खेती से कितनी उपज

सीताफल की खेती अगर उन्नत तरीके से की जाए तो इसकी पैदावार अच्छी मिल जाती है. वहीं अगर एक पूर्ण वयस्क पौधे से हर साल किसान भाई लगभग 100 फल प्राप्त कर सकते हैं, यानी एक पेड़ लगभग 50 किलो ग्राम तक फल दे सकता है.

सीताफल की खेती से शुद्ध मुनाफा सीताफल की खेती से किसानों को अच्छा लाभ मिल सकता है. सीताफल के फलों की कीमत बाजार मे ₹50 से लेकर ₹400 किलो तक रहती है. यह कीमत समय, किस्म और स्थान पर निर्भर करती है. वही एक एकड़ सीताफल की खेती में लगभग 400 से 450 पौधों (custard apples) की बुवाई की जा सकती है जिससे किसान भाई हर साल लगभग 30 कुंतल तक उपज प्राप्त कर सकते हैं. इस तरह किसान भाई हर साल इसकी खेती से लाखों रुपए कमा सकते हैं.

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here