ढाई फीट की गाय, खाती है 5 किलो चारा और रोजाना देती है 3 लीटर दूध आइये जाने इस गाय की पूरी जानकारी

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Punganur Cow Breed
पुंगनूर नस्ल की गाय की पूरी जानकारी

Punganur Cow Breed | पुंगनूर नस्ल की गाय की पूरी जानकारी 

Punganur cow breed : देश के ज्यादातर किसान भाई खेती के साथ पशुपालन का कार्य करते है. जिसमें वह गाय, भैंस और बकरी का पालन कर अच्छे मुनाफा के साथ-साथ शुध्द दूध, घी और छाछ भी प्राप्त करते है. ऐसे में महानगरों में रहने वाले लोग जगह कम होने की वजह से गाय या भैंस का पालन नही कर पाते है. वही महानगरों के साथ-साथ छोटे शहरों में लोग कुत्ता पालते है. लेकिन क्या आप यह पता है, एक गाय जो आकार में कुत्ते के साइज की लगभग ढाई फुट की होती है.यह दूध में काफी अच्छी है.

जी हां, आज हम आपको एक ऐसी गाय के जानकारी देने वाले है जो आकार में बिलकुल छोटी होती है. और दूध करीब तीन लीटर रोजाना देने में सक्षम होती है. आप इसे घर के अन्दर बिलकुल कम जगह में रख सकते है. इस गाय का नाम है पुंगनूर गाय. गाय की इस नस्ल को दक्षिण भारत में विकसित किया गया है. यह दुनिया की सबसे छोटी गाय के रूप में जानी जाती है. आइये इस गाय के बारे में विस्तार से जानने की कोशिश करते है.

विलुप्त होने की कगार पर है यह पुंगनूर गाय

दुनिया की यह सबसे छोटी गाय आज विलुप्त होने की कगार पर है. वही आंध्रप्रदेश के एक वैद्य द्वारा इस नस्ल का सुधार किया जा रहा है. उनकी 14 साल की मेहनत के बाद उन्होंने ढाई फीट की पुंगनूर गाय को विकसित किया है. इसका नाम उन्होंने मिनीएचर पुंगनूर रखा है.

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वैसे आमतौर पर पुंगनूर गाय की उंचाई 3 से 5 फुट के आसपास होती है. लेकिन नस्ल सुधार के बाद मिनिएचर पुंगनूर की ऊंचाई ढाई फीट हो गई है. वही इसको विकसित करने वाले कृष्णम राजू अब इसकी एक पूरी गौशाला ही चला रहे है. साथ ही गाय की इस ब्रीड को देश के कोने-कोने में लोगो तक पहुंचा रहे है.

गाय की यह नस्ल है 112 साल पुरानी

गाय की पुंगनूर नस्ल लगभग 112 साल पुरानी नस्ल है. जब यह पैदा होती है. तो 16 से 22 इंच तक इसकी उंचाई होती है. जबकि वर्ष 2019 में विकसित मिनिएचर को इस तरह विकसित किया गया है. कि उसकी उंचाई 7 से 12 इंच तक ही होती है.

देश में केवल इतनी नस्ले बची

पशु चिकित्सकों के अनुसार देश में गाय की केवल 32 नस्लें ही बची है. जबकि प्राची काल में इनकी संख्या 302 थी. वही असली पुंगनूर गाये वैदिक काल में ऋषि वशिष्ठ और ऋषि विश्वामित्र के काल खंड में पायी जाती थी. लेकिन बाद में मौसम परिवर्तन और स्थानों के बदलाव के कारण इसकी उंचाई बढ़ के गई. इसे पहले ब्रम्हा ब्रीड कहा जाता था. और इसकी लम्बाई ढाई से 3 फीट ही थी.

इस तरह डॉक्टर राजू ने पाई सफलता

डॉक्टर कृष्णम राजू के अनुसार मौजूदा समय यह पुंगनूर गाय की उंचाई 3 से 5 फुट के आसपास पायी जाती थी. जिसकों इन्हें घटाकर दो से ढाई फीट कर लिया है. इसके लिए इन्होने सबसे पहले आंध्र प्रदेश के लाइवस्टोक रिसर्च स्टेशन से पुंगनूर नस्ल के सांढ का वीर्य लेकर उन्होंने कृत्रिम गर्भाधान कराया. उसके उपरांत इस प्रक्रिया से पैदा हुए छोटे सांड का वीर्य लेकर पुंगनूर गाय का कृत्रिम गर्भाधान कराकर कई सालों की कोशिश के बाद डॉ राजू को 2 फीट तक की गाय तैयार करने में सफलता पाई है.

रोजाना 3 लीटर दूध देने में सक्षम है यह ब्रीड

डॉक्टर राजू जी के अनुसार यह छोटी गाय जिसको 17 दिसम्बर 2029 में विकसित किया था तीन लीटर दूध रोजना देती है. और इसकी उंचाई मात्र ढाई फीट तक ही है. डॉक्टर राजू बताते है यह छोटी नस्ल की गाय पुंगनूर मिनिएचर उन्होंने इस लिए विकसित की है कि ज्यादा से ज्यादा लोग अपने घर में इसको पाल सके.

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गाय मूल्य है लाखों में लेकिन देते मुफ्त में

डॉक्टर राजू के मुताबिक इस पुंगनूर मिनिएचर गाय की कीमत लगभग 5 लाख तक है. लेकिन अभी वह देश के लोगो को मुफ्त में ही दे रहे है. सबसे मत्वपूर्ण बात यह है कि कई विदेशों से आये लोगो ने इस गाय की मांग की, लेकिन डॉक्टर साहब द्वारा इन विदेशियों को गाय नही दी गयी.

केवल इतना चारा खाएगी यह नस्ल

गाय की पुंगनूर मिनिएचर नस्ल केवाल पांच किलों चारा ही रोजाना खाती है. जिससे रोजना 3 लीटर दूध भी देती है. गाय की यह नस्ल उन लोगों के लिए फायदे का सौदा साबित हो सकती है. जिनके पास जगह और चारे की पर्याप्त व्यवस्था नही है.

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