चियासीड की खेती शुरू कर अब बुंदेलखंड के किसान बनेंगे मालामाल, क्योंकि कम लागत में होती है मोटी कमाई 

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chia seed ki kheti
बुंदेलखंड किसान करेंगे चियासीड की खेती

बुंदेलखंड किसान करेंगे चियासीड की खेती

देश के ज्यादातर किसान परंपरागत फसलों के अलावा कुछ औषधीय फसलों की खेती में रूचि ले रहे हैं. क्योंकि परंपरागत फसलों के अपेक्षा इन फसलों में लागत कम और मुनाफा अधिक मिलता है. इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र के किसान अब चियासीड की औषधीय खेती करना शुरू कर रहे हैं.

इस औषधीय खेती में किसानों को कम पानी और कम लागत में सालाना अधिक मुनाफा होता है. इसीलिए उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के रसीला क्षेत्र में इस्माइलपुर, अलकछवा व जमखुरी गांव में किसान अब परंपरागत खेती के साथ-साथ चियासीड की खेती भी कर रहे हैं. Chia seed ki kheti लगभग 3 महीने में तैयार हो जाती है. किसान इसे अपनी फालतू जमीन में उगा कर अच्छा मुनाफा ले सकते हैं.

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चियासीड की खेती की फसल में लागत

चियासीड की खेती की फसल लगभग 110 दिन में तैयार हो जाती है. वही इसकी 1 एकड़खेती के लिए लगभग किसानों को ₹10,000 खर्च करने पड़ते हैं. लेकिन किसानों को इससे मुनाफा कई गुना अधिक होता है. क्योंकि चियासीड एक किस्म की औषधि फसल है. जिसकी बाजार में लगातार अधिक मांग रहती है. चियासीड की खेती में लगभग 5 से 6 कुंटल प्रति एकड़ तक उपज मिल जाती है. इसीलिए चियासीड की खेती किसानों के लिए काफी उपयोगी साबित हुई है.

वही बुंदेलखंड की जलवायु क्षेत्र चियासीड की खेती के लिए उपयुक्त पाया गया है. ऐसा इसलिए है क्योंकि इसकी खेती में पानी की बहुत ज्यादा जरूरत नहीं होती है. साथ ही इसकी बुवाई के लिए नवंबर का महीना एकदम उपयुक्त बताया जाता है.

क्या कीमत है बाजार में चियासीड की

चियासीड की खेती करने वाले किसानों द्वारा या जानकारी दी गई है. कि इसका बाजार भाव लगभग ₹1,00,000 प्रति कुंतल तक बाजार में मिल जाता है. इस हिसाब से 1 एकड़ खेती में 5-6 कुंटल चियासीड की उपज प्राप्त हो जाती है. इस तरह से किसानों द्वारा एक एकड़ चियासीड की खेती में कम से कम ₹6,00,000 सालाना प्राप्त हो जाता है. जिसमें लागत भी कम बहुत ही कम आती है. सबसे बड़ी बात यह है कि किसानों को इसे बेचने के लिए बाजार नहीं जाना पड़ता है. क्योंकि औषधि कंपनियां इसे किसानों के खेत से ही आकर खरीद लेती है. इस तरह से चियासीड की खेती कर उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र के किसान अधिक मुनाफा कमाने के साथ-साथ आत्मनिर्भर भी बन सकेंगे.

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चियासीड से मिलने वाले फायदे 

चियासीड के तेल का इस्तेमाल औषध कंपनियां दवा बनाने और कॉस्मेटिक बनाने में उपयोग करती है. इसीलिए इसका तेल काफी महंगा बिकता है. कृषि विशेषज्ञों के अनुसार चियासीड में करीब 35 फ़ीसदी तेल पाया जाता है. इसके अलावा इसके तेल में ओमेगा-3, omega-6 भरपूर मात्रा में पाया जाता है. इसीलिए विश्व  बाजार में भी इसकी काफी ज्यादा मांग रहती है. आयुर्वेद के अनुसार  चियासीड डायबिटिक और हृदय रोग में रामबाण साबित होता है. इसके अलावा यह कब्ज, हड्डी एवं दांत रोग आदि बीमारियों में भी काफी लाभदायक है. ओमेगा के अलावा इसमें प्रोटीन, कैल्शियम, मिनरल्स जैसे तमाम पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. इसीलिए इसका सेवन करने से हमारी इम्यूनटी पावर भी काफी ज्यादा बढ़ जाती है.

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