एक बार इस पौधे को लगाएं किसान भाई और यह देगा पूरी जिंदगी कमाई

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Amla ki kheti ke fayde
आंवले की खेती में है मोटी कमाई

आंवले की खेती में है मोटी कमाई | Amla ki kheti ke fayde

Amla ki kheti ke fayde :  आजकल सर्दियों क मौसम की शुरुवात हो चुकी है. ऐसे मौसम में बाजार में आंवला दिखाई पड़ने लगता है. आंवला हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है. इसलिए बाजार में भी इसकी मांग काफी अधिक रहती है. इसलिए इसकी खेती किसानों के लिए काफी लाभकारी साबित होती है.

देश के बहुत सारे किसान आंवला की खेती करते है. लेकिन ठंढ का यह मौसम इसके पौध लगाने का उचित समय नही है. लेकिन जिन किसानों के पौधे तैयार और फलों को देना शुरू कर चुके है उन्हें इस मौसम में कुछ सावधानियां रखनी पड़ती है. जिससे वह इन पेड़ों से अच्छी उपज प्राप्त कर सके. आइये इस लेख के जरिये जाने की कोशिश करते है आंवले की खेती में महत्वपूर्ण सावधानियां के बारे में –

इन राज्यों में सबसे ज्यादा आंवले की खेती

देश में आंवले की सबसे अधिक खेती उत्तर प्रदेश राज्य में की जाती है. इसके बाद अगर दूसरे राज्यों की बात की जाय तो मध्य प्रदेश और तमिलनाडु राज्य का नंबर आता है.

आंवले की खेती (AMLA KI KHETI) में मौसम की अहम भूमिका होती है. अगर मौसम अच्छा होता है. तो इसकी फसल से अच्छी उपज प्राप्त होगी. जिससे आंवले की खेती में किसानों को अच्छा मुनाफा होगा.

आंवले की खेती में सबसे ख़ास बात यह है कि किसान भाइयों को केवल एक बार ही इसका पौधा लगाकर तैयार करना पड़ता है. उसके बाद वह पूरी जिंदगी इससे कमाई ले लकते है. इसके अलावा इन पेड़ों के बीच खाली पड़ी जमीन में दूसरी फसलों की खेती कर दोहरा मुनाफा कमा सकते है.

किसान भाई आंवले की खेती से अगर अच्छा मुनाफा कमाना चाहते है तो उन्हें कुछ आसान से उपाय अपनाने होंगें. जिससे आंवले में लगाने वाले फलों का आकार काफी बढ़ जाता है.

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इन किस्मों का चुनाव करे किसान भाई

किसान भाई आंवला की खेती में बेहतरीन किस्मों का ही चुनाव करना चाहिए. जिससे उन्हें इन किस्मों से बड़े आकार के आंवले प्राप्त हो सके. आइये आप को आंवले की कुछ अच्छी किस्मों की जानकारी दे दे –

  • बनारसी
  • चकईया
  • फ्रान्सिस
  • कृष्णा (एन ए- 5)
  • नरेन्द्र- 9 (एन ए- 9)
  • कंचन (एन ए- 4)
  • नरेन्द्र- 7 (एन ए- 7)
  • नरेन्द्र- 10 (एन ए-10)

किसान भाई यहाँ इस बात का ध्यान रखे कि किस्मों का चुनाव अपनी सुविधा और क्षेत्रीय जलवायु के हिसाब से करना चाहिए.

आंवले की खेती कैसे करे किसान भाई (AMLA KI KHETI KAESE KARE)

किसान भाई आंवले की खेती के लिए खेत की मिट्टी का उपजाऊ होना जरुरी है. इसके अलावा जलभराव की समस्या नही होनी चाहिए. इसके उपरांत किसान भाई सबसे पहले खेत में गड्ढे तैयार कर लेना चाहिए. किसान भाई इन गड्ढों के बीच की दूरी 10X10 फीट या 10X15 फीट रख सकते है. वही आंवले का पौधा लगाने के लिए 1 घन मीटर आकार का गड्ढा खोद ले.

इस खुदे हुए गड्ढे को 15 से 20 दिन के लिए खुला छोड़ना लाभकारी होता है. क्योकि इसमें धूप लगने से हानिकारक जीवाणु मर जाते है. इसके उपरांत इन गड्ढों  में 20 किलोग्राम नीम की खली और 500 ग्राम ट्राइकोडर्मा पाउडर का उपयोग करना चाहिए. उसके बाद गड्ढे भरते समय 70 से 125 ग्राम क्लोरोपाइरीफ़ॉस डस्ट का भी उपयोग लाभकारी होता है. इन तेयार गड्ढों को मई महीने में पानी भरना चाहिए. इसके 15 से 20 दिन बाद पौधो का रोपण इन तैयार गड्ढों में कर देना चाहिए.

उपज की अच्छी बढ़त के लिए आंवले को इन रोगों एवं कीटों से बचाए

आंवले की अच्छी उपज लेने के लिए किसान भाइयों को इसमें लगाने वाले रोगों एवं कीटों से इनका बचाव करना चाहिए. इसमें कई प्रकार के रोग एवं कीट लगते है. जिनको किसानों को तुरंत ही उपचार करना जरुरी होता है. अन्यथा की द्रष्टि में किसा भाइयों को नुकसान उठाना पड़ेगा.

आंवले का काला धब्बा रोग

आंवले के इस रोग के लगने से फलों पर काले गोल-गोल धब्बे दिखाई पड़ने लगते है. वही किसान भाई इस रोग की रोकथाम के लिए पौधों पर बोरेक्स का सही मात्रा छिडकाव करना जरुरी हो जाता है. इसके अलावा किसान भाई बोरेक्स को सही मात्रा में आंवले के पौधों की जड़ों में उपयोग कर सकते है.

आंवले का कुंगी रोग

आंवले का यह रोग अपना प्रभाव पेड़ की पत्तियों और फलों पर डालता है. किसान भाई इसकी रोकथाम के लिए इंडोफिल एम-45 का छिडकाव पेड़ों पर कर सकते है.

आंवले का फल फफूंदी रोग

इस रोग को लगने से आंवले फलों पर फफूंद दिखाई पड़ने लगती है. जिसके कारण फल सड़ने लगता है और ख़राब हो जाता है. किसान भाई इस रोग की रोकथाम के लिए आंवले के पेड़ों पर एम 45, साफ़ और शोर जैसी कीटनाशी दवाइयों का उपयोग कर सकते है.

आंवले का छालभक्षी कीट

इस कीट के लगने से आंवले पे पेड़ की बढ़वार रुक जाती है. जिससे पेड़ों पर बहुत मात्रा में लगते है. किसान भाई आंवले की इस रोग की रोकथाम के लिए पेड़ की शाखाओं के जोड़ पर दिखाई दने वाले छिद्रों में डाइक्लोरवास की सही मात्रा डालकर इन छिद्रों को मिट्टी से बंद कर देना चाहिए. जिससे यह कीट अन्दर छिद्र में ही मर जाए.

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आखिर आंवले की बाजार में इतनी मांग क्यों (AMLA KE FAYDE)

आंवले में भरपूर मात्रा में विटामिन सी पाया जाता है. साथ ही इसमें एंटीऑक्सीडेंट भी पाया जाता है. इसके रोजना उपयोग से सर्दी,खांसी, वायरल बुखार, मधुमेह, त्वचा से जुड़े रोग, एसिडिटी, पथरी आदि से बचाव होता है. इसके अलावा इसका उपयोग बालों, यादाश्त एवं आखों की रोशनी बढाने में लाभकारी पाया गया है. साथ ही शरीर के जहरीले पदार्थ को कम करने में सहायक होता है.

आंवले का उपयोग दैनिक खाने में उपयोग होने वाली चीजों में किया जाता है. इससे मुरब्बा, अचार, जैम, सब्जी और जैली बनाने में उपयोग किया जाता है. इसके अलावा आयुर्वेदिक औषधियों को बनाने में भी इसका उपयोग किया जाता है.

दुनिया में आंवला उत्पादन के मामले भारत सबसे आगे है. वही आंवले की खेती यूरोप, दक्षिण पूर्व एशिया एवं पश्चिमी एशिया के कुछ भागों में की जाती है. लेकिन निर्यात के मामले में कनाडा देश भारत से आगे है.

भारत देश आंवले का निर्यात जापान, नेपाल, बांग्लादेश, अमेरिका और जर्मनी आदि देशों करता है. लेकिन आने वाले कल हो सकता है भारत पूरी दुनिया में इसका निर्यात करे. इसी लिए आंवले की खेती का भविष्य काफी अच्छा रहने वाला है.

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