गन्ने की खेती में लगने वाले इन 6 कीटों से अपनी फसल को बचाएं किसान, होगा बम्पर उत्पादन

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ganne ki fasal mein lagane vale 6 keet
गन्ने की फसल में लगने वाले 6 कीट

गन्ने की फसल में लगने वाले 6 कीट और नियंत्रण के उपाय 

देश के ज्यादातर किसान गन्ने की खेती करते है. यह एक नगदी फसल है. जिससे वह अच्छा पैसा कमाते है. लेकिन किसी भी फसल से अच्छा लाभ कमाने के लिए जरुरी होता है उस फसल की अच्छी उपज प्राप्त हो. लेकिन कभी कीटों एवं रोगों के प्रभाव से फसल के उत्पादन में गिरावट आती है. ऐसे में सबसे जरुरी होता है इनका नियंत्रण समय पर किया जाय.

इसी कड़ी में आज हम गन्ने लगने वाले 6 कीटो से किसान भाई अपनी फसल को कैसे बचाएं पूरी जानकारी दी जाएगी.वैसे आपको जानकारी देते चले देश में प्रति वर्ष लगभग 30 लाख हेक्टेयर भूमि पर गन्ने की खेती की जाती है. वही देश में  65.4 टन प्रति हेक्टेयर गन्ने की औसत उपज प्राप्त होती है. जो कि उत्पादन क्षमता से काफी कम है.

गन्ने में लगने वाले प्रमुख 6 कीट एवं उनका नियंत्रण

गन्ने की फसल में दीमक प्रकोप एवं बचाव के उपाय

गन्ने की खेती को दीमक कीट काफी प्रभावित करता है. यह कीट गन्ने की खेती में बुवाई से लेकर कटाई तक किसी भी अवस्था में लग सकता है. यह फसल में गन्ने के पौधों को खाकर मिट्टी भर देता है. जिसके कारण पौधा सूखने लगता है.

किसान दीमक से गन्ने की फसल को बचाने के लिए इमिडाक्लोप्रिड 0.75 प्रतिशत मि०ली० प्रति लीटर पानी की दर से घोल बनाकर छिड़काव करना चाहिए.

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अंकुर बेधक कीट से गन्ने की फसल का कैसे करे बचाव? 

गन्ने की फसल में यह कीट गन्ने के पौधों के कल्लों को प्रभावित करता है. इसका प्रकोप गर्मी वाले महीने में फसल को अधिक प्रभावित करता है. वही प्रभावित हुए गन्ने के कल्लों को खीचने पर इसमें से सिरके जैसी बदबू आती है.

किसान भाई इसके नियंत्रण के लिए क्लोरोपायरीफास 3 मिली० प्रति लीटर पानी की दर से घोल बनाकर छिड़काव करना चाहिए. इसके अलावा गन्ने की फसल के सिंचाई की व्यवस्था करनी चाहिए. साथ ही किसान भाई जब गन्ने के जमाव के बाद गन्ने की दो पंक्तियों के बीच 100 कुंटल सूखी पत्ती प्रति हेक्टेयर की दर से बिछाना चाहिए.

गन्ने का चोटी बेधक कीट का नियंत्रण कैसे करे किसान?

चोटी बेधक कीट का प्रकोप गन्ने की फसल में मार्च से सितम्बर तक होता है. वही यह कीट गन्ने में लगने वाले कीटों में सबसे प्रमुख होता है. क्योकि यह गन्ने की फसल को सबसे अधिक नुकसान पहुंचाता है.

इस चोटी बेधक कीट के नियंत्रण के लिए सबसे पहले किसान भाई इसके अंड समूहों को एकत्रित करके नष्ट कर देना चाहिए. इसके साथ ही मार्च से जुलाई के महीने तक 15 दिन के अंतराल पर ट्राईकोडर्मा का छिड़काव करना चाहिए.इसके अलावा किसान भाई जुलाई के पहले सप्ताह में कारटाप हाइड्रोक्लोराइड कीटनाशक की 20 से 25 किग्रा० प्रति हेक्टेयर की दर से पौधों की जड़ों के पास उचित नमी की दशा प्रयोग करना लाभदायक होता है.

तना बेधक कीट से गन्ने की फसल की कैसे करे सुरक्षा?

गन्ने की फसल का यह कीट गन्ने के तनों में छेद कर अन्दर घुस जाता है. और गन्ने की पोरी के अन्दर का पूरा गूदा खा जाता है. जिसके कारण गन्ने की उपज एवं चीनी की परतों में भी कमी आ जाती है. गन्ने को फाड़ने पर अन्दर लाल दिखाई पड़ता है. साथ ही अन्दर कीट का उत्सर्जित पदार्थ भी दिखाई पड़ता है.

किसान भाई इस कीट के नियंत्रण के लिए इमिडाक्लोप्रिड 0.75 मिली० प्रति लीटर की दर से घोल बनाकर गन्ने की फसल पर छिड़काव करे.

गन्ने का गुरदासपुर बेधक कीट से फसल को कैसे बचाएं

गन्ने की फसल में गुरुदासपुर बेधक कीट का प्रकोप सबसे अधिक जुलाई से अक्टूबर तक होता है. इस कीट की सूड़ी ऊपर से दूसरी या तीसरी पोरी में प्रवेश कर अन्दर ही अन्दर स्प्रिंग की तरह घुमावदार काटना शुरू कर देती है. यह गन्ने को अन्दर से खोखला कर देता है. गन्ना हवा के झोके में ही गिर जाता है.

किसान भाई को इस कीट से बचाव के लिए इससे ग्रसित पौधों को काटकर नष्ट कर देना चाहिए. इसके साथ ही ग्रसित पौधे ठूंठो को भी जलाकर नष्ट कर चाहिए.

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ग्रास हॉपर (टिड्डा) से गन्ने की फसल का कैसे करे बचाव ?

ग्रास हॉपर जिसे हिंदी में अथवा गांवों में टिड्डा पुँकारते है. यह गन्ने के फसल का हानिकारक कीट है. जब गन्ना के पौधों की पत्तियों को प्रभावित करता है. यह कीट जून महीने से सितम्बर महीने की बीच फसल को प्रभावित करता है. इस कीट के निम्फ एवं वयस्क कीट गन्ने की पत्तियों को खाकर गन्ने की फसल को नुक्सान पहुंचाते है.

किसान भाई को इस कीट से गन्ने की फसल को बचाने के लिए मेड़ों की सफाई करते रहना चाहिए. इसके अलावा किसान भाई फेनवलरेट 0.4 प्रतिशत या लिन्डेन 1.3 प्रतिशत धूल का 25 किग्रा० प्रति हेक्टेयर बुरकाव कर भी कर लेना चाहिए.

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